
घर के बाहर खेल रही थी 13 साल की लड़की, नाबालिग लड़के ने किया यौन उत्पीड़न, आरोपी समेत 4 गिरफ्तार
AajTak
भोजपुर के एक पुलिस अफसर ने बताया कि जानकारी मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और लड़की को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल ले गए. आरोप है कि घर के बाहर खेलते समय नाबालिग लड़के ने उसका यौन उत्पीड़न किया.
बिहार के भोजपुर जिले में एक नाबालिग लड़के ने 13 वर्षीय लड़की का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया. पुलिस ने सोमवार को बताया कि इस शर्मनाक घटना के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें आरोपी लड़का भी शामिल है.
एक पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए पीटीआई को बताया कि भोजपुर पुलिस ने रविवार की रात करीब 9 बजे गुंडी गांव में हुए इस अपराध की जांच के लिए पहले मामला दर्ज किया था. अब जांचकर्ता नाबालिग लड़के की सही उम्र का पता लगाने के लिए उसके दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं.
पुलिस अफसर ने आगे बताया कि जानकारी मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और लड़की को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल ले गए. आरोप है कि घर के बाहर खेलते समय नाबालिग लड़के ने उसका यौन उत्पीड़न किया.
भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि घटना के वक्त जब लड़की ने शोर मचाया तो आरोपी लड़का मौके से भाग गया. हालांकि, पुलिस अब मेडिकल जांच की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद किशनगढ़ थाना क्षेत्र के उस गांव में किसी भी प्रकार की अशांति को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, क्योंकि लड़की और आरोपी अलग-अलग समुदायों से संबंध रखते हैं.

NATO बिना अमेरिका के युद्धाभ्यास कर रहा है. यानी अब वर्ल्ड ऑर्डर बिना अमेरिका के तय हो रहा है और इसे बर्दाश्त करना उसके लिए मुश्किल हो रहा है. इसलिए अमेरिका अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए किसी को टैरिफ की धमकी दे रहा है, किसी को युद्ध की धमकी दे रहा है.अब अमेरिका ने ईरान पर हमला ना करने के बदले अपनी कई शर्तें मानने की चेतावनी दी है. ऐसे में सवाल है क्या अमेरिका अपने वर्चस्व को बरकरार रखने के लिए कोई बड़ा कदम उठा सकता है? देखें ब्लैक एंड व्हाइट.

देश की सर्वोच्च अदालत ने UGC के नए नियमों से सामान्य वर्ग को नफरती करके फंसाए जाने की आशंका को गंभीरता से लिया है. कॉलेज कैंपस में भेदभाव रोकने के नाम पर 13 जनवरी के नियमों को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है. इसके बाद सामान्य वर्ग की राजनीतिक ताकत और इस मुद्दे के व्यापक मायनों पर चर्चा तेज हो गई है. जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए इन नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक ने इसके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

प्रयागराज माघ मेले से लौटे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने सरकार को गोहत्या और मांस निर्यात के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी है. शंकराचार्य ने साफ कहा है कि अगर सरकार द्वारा निर्धारित शर्तें पूरी नहीं की गईं, तो वे मुख्यमंत्री को नकली हिंदू घोषित करेंगे. यह बयान राजनीतिक और सामाजिक विवादों को जन्म दे सकता है क्योंकि गोहत्या और मांस निर्यात जैसे मुद्दे प्रदेश के भीतर संवेदनशील विषय हैं.










