
गौतम अडानी ने बताया, कैसे उनकी तरक्की में राजीव गांधी, नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह का बड़ा है योगदान
AajTak
उद्दोगपति गौतम अडानी को लेकर कई तरह की बातें की जाती हैं. एक वर्ग तो यहां तक मानता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से उन्हें अपार सफलता मिली है. अब आजतक को दिए इंटरव्यू में गौतम अडानी ने जोर देकर कहा है कि उनकी सफलता के पीछे कोई एक इंसान या सरकार का योगदान नहीं है. उनकी सफलता में राजीव गांधी से लेकर मनमोहन सिंह तक का योगदान रहा है.
उद्दोगपति गौतम अडानी ने कम समय में बड़ी सफलता हासिल की है. वे दुनिया के तीसरे सबसे अमीर इंसान हैं. भारत में तो उन्होंने मुकेश अंबानी को भी पीछे छोड़ दिया है. अब विपक्ष आरोप लगाता है कि साल 2014 के बाद ही गौतम अडानी को इतनी जबरदस्त सफलता मिली है. आरोप लगाया जाता है कि क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इतना सपोर्ट किया, इस वजह से अडानी इतना आगे बढ़ सके. लेकिन आजतक को दिए खास इंटरव्यू में गौतम अडानी ने साफ कर दिया है कि उनकी सफलता के पीछे किसी एक इंसान या सरकार का हाथ नहीं है. उन्होंने जोर देकर कहा है कि राजीव गांधी, नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह का भी उनकी तरक्की में बड़ा योगदान रहा है.
अडानी की सफलता में कई सरकारों का योगदान
इंडिया टुडे समूह के ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर (पब्लिशिंग), राज चेंगप्पा से बातचीत के दौरान गौतम अडानी ने कहा है कि कई लोगों को जानकर आश्चर्य होगा कि मेरा सफर जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे तब शुरू हुआ, जब उन्होंने एग्ज़िम पॉलिसी को बढ़ावा दिया और पहली बार कई चीजें OGL लिस्ट में आई. इससे मेरा एक्सपोर्ट हाउस शुरू हुआ. अगर वो न होते तो मेरी शुरुआत ऐसी न होती. दूसरा मौका 1991 में आया जब नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह ने आर्थिक सुधार शुरू किए. मेरे साथ बहुत लोगों को इसका फायदा हुआ. इस बारे में पहले ही बहुत लिखा जा चुका है. तीसरा मौका 1995 में आया जब केशुभाई पटेल गुजरात के मुख्यमंत्री बने. तब तक सिर्फ मुंबई से दिल्ली तक का एनएच-8 ही विकसित हुआ था. उनकी दूरदर्शिता और पॉलिसी के बदलाव से मुझे मुंडरा पर अपना पहला पोर्ट बनाने का मौका मिला. चौथा मौका 2001 में आया जब गुजरात में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास की दिशा दिखाई. उनकी नीतियों से गुजरात में आर्थिक बदलाव के साथ अविकसित क्षेत्रों का भी विकास हुआ. उससे उद्योग और रोज़गार का विकास हुआ.
पीएम मोदी के नेतृत्व से अडानी कितना खुश?
अब जब अडानी से सवाल पूछा गया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को किस प्रकार से देखते हैं. इस पर भी उन्होंने एक विस्तृत जवाब दिया. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को एक प्रगतिशील नेतृत्व दिया है. उनकी नीतियों ने हर भारतीय की जिदंगी में बदलाव किया है. उनकी कोशिश से भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार के साथ सामाजिक विकास भी हुआ है. उनकी नीतियों से देश में औद्योगिक और आर्थिक विकास हुआ है. आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया और स्टार्ट-अप इंडिया ने व्यापार और उत्पादन के नए मौके बनाए और लाखों लोगों को रोज़गार दिया. प्रधानमंत्री जी ने खेती और देश के अविकसित क्षेत्रों को भी प्रगति पथ पर डाला. स्वच्छ भारत, जनधन योजना, डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर और आयुष्मान भारत ने देश में परिवर्तन की नई दिशा दिखाई.
आलोचना का कैसे सामना करते हैं अडानी?

आज पूरी दुनिया में यही चर्चा है कि ईरान-अमेरिका युद्ध- रुकेगा या फिर महायुद्ध में बदल जाएगा. इस सवाल की वजह है युद्ध को लेकर अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप का दावा. ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले की नई डेडलाइन का एलान किया, वो भी ये कहते हुए कि ईरान की तरफ से युद्धविराम की पेशकश की गई है और दोनों देशों के बीच टेबल पर बातचीत जारी हैं. लेकिन ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को झूठ का पुलिंदा बताया. अब सवाल यही है कि पर्दे के पीछे क्या ईरान और अमेरिका में कोई बातचीत चल रही है, क्या जल्द युद्धविराम की संभावना है, या फिर ट्रंप के दावे में कोई दम नहीं.

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. पाकिस्तान को लेकर खुलासा हुआ है कि वो उसने अपने एजेंट्स की मदद से भारत में सीसीटीवी लगवाए, जिनके जरिए वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे. गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम किया. पाकिस्तान ने इजरायल से सीख लेकर ऐसा किया. इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर खामेनेई को लेकर अहम जानकारी जुटाई थी. देखें वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?








