
गोवा सनबर्न फेस्टिवल में ध्वनि प्रदूषण की शिकायत, आयोजकों पर मामला दर्ज
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गोवा में सनबर्न फेस्टिवल चल रहा है और वहां ध्वनि प्रदूषण नियमों के उल्लंघन की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद स्थानीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और कार्यक्रम को रोक दिया. आयोजकों पर भी मामला दर्ज किया गया और नियमों का पालन करने की चेतावनी दी गई.
गोवा में इस वक्त सनबर्न फेस्टिवल आयोजित है. प्रशासन की तैयारियों और कोर्ट की सख्ती के बावजूद यह फेस्टिवल इस बार भी ध्वनि प्रदूषण नियमों के उल्लंघन का साक्षी बन ही गया. असल में गोवा में जारी इस फेस्टिवल के आयोजकों को ध्वनि प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करने को लेकर पुलिस का सामना करना पड़ा. गोवा पुलिस ने गुरुवार शाम 10 बजे सनबर्न कार्यक्रम में ध्वनि प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करने पर आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की, वीडियो में पुलिस अधिकारी आयोजकों से कार्यक्रम रोकने के लिए कहते नजर आ रहे हैं.
गोवा में सनबर्न फेस्टिवल चल रहा है और वहां ध्वनि प्रदूषण नियमों के उल्लंघन की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद स्थानीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और कार्यक्रम को रोक दिया. आयोजकों पर भी मामला दर्ज किया गया और नियमों का पालन करने की चेतावनी दी गई.
बता दें कि सनबर्न फेस्टिवल के आयोजन की तैयारियों के दौरान ही यह कहा गया था कि घ्वनि प्रदूषण नहीं उत्पन्न होगा. गोवा के महाधिवक्ता देवीदास पंगम ने कहा था कि गोवा में रात 10 बजे के बाद सनबर्न फेस्टिवल की इजाजत नहीं दी जाएगी. राज्य ने सनबर्न को लेकर कोर्ट में एक्शन प्लान भी पेश किया था. आयोजकों ने इस उत्सव के लिए 12 बजे तक संगीत बजाने की अनुमति मांगी थी. मगर, गोवा के महाधिवक्ता देवीदास पंगम ने कहा था कि 10 बजे के बाद राज्य सरकार की ओर से कोई अनुमति नहीं दी जाएगी.
पिछले साल आयोजित सनबर्न फेस्टिवल के लिए सभी नियमों का उल्लंघन कर परमिट जारी किए गए थे. ध्वनि प्रदूषण का स्तर भी पार कर लिया गया था. स्थानीय नागरिकों के कोर्ट पहुंचने की बात पर बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने अपना फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को फटकार लगाई थी. इसके साथ ही राज्य सरकार ने इस साल के सनबर्न के लिए कार्ययोजना पेश की थी. सनबर्न उत्सव स्थल पर ध्वनि प्रदूषण को रोकने की कार्य योजना विशेष विभाग के अध्यक्ष और उत्तरी गोवा के जिला कलेक्टर द्वारा उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की गई थी. उत्सव स्थल पर तीन उप-समितियां और एक केंद्रीय प्रदूषण निगरानी एवं नियंत्रण उप-समिति तैनात करने को लेकर कहा गया था. इसमें पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी शामिल थे. हालांकि इतनी तैयारियों के बावजूद फेस्टिवल को ध्वनि प्रदूषण के साये से नहीं बचाया जा सका.

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