
गोरखपुर दंगा: सीएम योगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, हेट स्पीच मामले में खारिज की याचिका
AajTak
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया है. शीर्ष अदालत ने कहा कि याचिका में मेरिट नहीं है.
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया है. शीर्ष अदालत ने कहा कि तकनीकी आधार पर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि इसमें मेरिट नहीं है. अदालत ने कहा कि आदित्यनाथ के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी से इनकार करने के मुद्दे पर नहीं जा रहे हैं. फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा कि स्वीकृति प्रदान करने की प्रक्रिया के कानूनी प्रश्न पर एक अन्य उपयुक्त मामले में विचार किया जा सकता है.
इस मामले में चीफ जस्टिस एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने 24 अगस्त को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था. शीर्ष अदालत में इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें एक स्वतंत्र एजेंसी द्वारा कथित भड़काऊ भाषण की जांच की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया गया था. इस मामले में राज्य सरकार ने पिछले साल आदित्यनाथ योगी को अभियुक्त बनाने से ये कहकर मना कर दिया था और कहा था कि उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं हैं.
कपिल सिब्बल ने बीच में ही छोड़ दिया था केस
इस मामले में सुनवाई के अंत में याचिकाकर्ता के वकील कपिल सिब्बल ने बहस करने में असमर्थता जताई. पीठ भी सिब्बल के मामले से हटने पर सहमत हो गई. उसने याचिकाकर्ता के मामले को स्थगित करने के अनुरोध को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. कपिल सिब्बल के बाद इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट फुजैल अहमद अय्यूबी ने तर्क दिए. याचिकाकर्ता परवेज परवाज ने आरोप लगाया था कि योगी आदित्यनाथ ने 2007 में गोरखपुर में हुई बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए हेट स्पीच दी थी.
क्या था पूरा मामला?
बता दें कि 11 साल पहले 27 जनवरी 2007 को गोरखपुर में सांप्रदायिक दंगा हुआ था. इस दंगे में दो लोगों की मौत और कई लोग घायल हुए थे. इस दंगे के लिए तत्कालीन सांसद व मौजूदा सीएम योगी आदित्यनाथ, विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल और गोरखपुर की तत्कालीन मेयर अंजू चौधरी पर भड़काऊ भाषण देने और दंगा भड़काने का आरोप लगा था. कहा गया था कि इनके भड़काऊ भाषण के बाद ही दंगा भड़का था.

ग्रेटर नोएडा में कोहरे के कारण पानी से भरे बेसमेंट में गिरी कार हादसे में 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई. मौके पर मौजूद डिलिवरी ब्वॉय ने रस्सी बांधकर पानी में उतरकर बचाने की कोशिश की. लेकिन युवराज को बचाया नहीं जा सका. नोएडा के इंजीनियर युवराज की मौत के बाद डिलिवरी ब्वॉय को क्यों धमका रही पुलिस?

ट्रंप की ईरान को दी गई उस धमकी के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने कहा कि कि ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा. उनका ये बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप की हत्या कर सकता है. इस पर ट्रंप ने कहा अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो अमेरिका की सेनाएं ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगी. आज इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है?

मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर विवाद गहराया है. अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर कड़े तेवर दिखा रहे हैं. उन पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगा है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर बैठकर अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान करने से प्रशासन ने रोक लगा दी. समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.









