गुरु राजा, मंगल मंत्री... जानें 2026 में ग्रहों का मंत्रिमंडल भारत पर कैसा असर डालेगा
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New year 2026: नए साल 2026 में ग्रहों का मंत्रिमंडल बदल रहा है. 2025 के राजा मंगल थे. लेकिन 2026 में बृहस्पति राजा होंगे और मंगल मंत्री की भूमिका में रहेंगे. ज्योतिषविदों के अनुसार, नए साल का यह परिवर्तन कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है.
New Year 2026 Planets: नया साल 2026 शुरू होने वाला है. यह वर्ष ग्रहों की चाल के लिहाज से बहुत खास रहने वाला है. हिंदू पंचांग के अनुसार, नए साल में ग्रहों का मंत्रिमंडल भी बदलने वाला है. मौजूदा वर्ष 2025 का राजा मंगल ग्रह है. लेकिन आगामी वर्ष 2026 के राजा गुरु बृहस्पति होंगे और मंत्री मंगल रहने वाले हैं. ऐसे में नए साल को लेकर ज्योतिषविद तरह-तरह की भविष्यवाणी कर रहे हैं. आइए जानते हैं कि ग्रहों का ये मंत्रिमंडल नए साल 2026 को लेकर क्या संकेत दे रहा है.
ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति देखें तो इस वर्ष की आर्थिक स्थिति सामान्य नजर आ रही है. लोगों को छोटे स्टार्टअप लुभाएंगे. लेकिन लाभ की संभावना कम दिख रहे हैं. सोना-चांदी जैसी मूल्यवान धातुओं की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिल सकती है. इन्हें खरीदना लोगों के लिए एक सपने जैसा हो सकता है.
इसके अलावा, नए साल 2026 में धार्मिक कार्यक्रम और अनुष्ठानों का बड़े मोर्चे पर आयोजन होगा. धर्म की तरफ लोगों का रुझान बढ़ेगा. धार्मिक यात्राओं पर जाने वालों की तादाद बढ़ेगी. मुख्य रूप से यह धर्म के प्रचार-प्रसार का साल रहने वाला है.
राजनीतिक उथल-पुथल नए साल 2026 के मंत्री मंगल होंगे, जिसके चलते सामाजिक और राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिल सकती है. देश-दुनिया में टकराव की स्थिति रहेगी. भारत के राजनीति माहौल में अशांति देखने को मिल सकती है. वाद-विवाद और विद्रोह जैसी घटनाओं से सामना हो सकता है. लोगों का एक दूसरे पर भरोसा कम होगा.
साइबर ठगी इस वर्ष साइबर ठगी के मामलों में भी वृद्धि देखी जा सकती है. लोगों के साथ ठगी के मामले बढ़ सकते हैं. ऑनलाइन फ्रॉड की घटनाएं समय समय पर लोगों को चौंकाती रहेंगी. इस वर्ष धन को कमाना जितना आसान होगा, उसे संभालकर रखना लोगों के लिए उतना ही कठिन रहने वाला है. पैतृक संपत्ति, व्यापार और निवेश के मामलों में लोगों को बहुत सावधानी बरतनी होगी.
ट्रेड वॉर ज्योतिष गणना के अनुसार, नए वर्ष में एक नए तरह का ट्रेड वॉर (व्यापारिक युद्ध) देखने को मिल सकता है. भारत में व्यापार को लेकर विदेश में नीतियां बनाई जाएंगी. हालांकि यह कदम दुनियाभर में भारत को एक अलग पहचान दिलाएगा और उसकी स्थिति को मजबूत बनाएगा. रोजगार के साधनों में वृद्धि होगी. लोगों को बुनियादी जरूरतें पूरी करने में कोई खास मुश्किल नहीं होंगी.

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












