
गुजरात की एक फैक्ट्री में लगी भीषण आग, केमिकल से भरे 60 से ज्यादा टैंकर जलकर खाक
AajTak
गुजरात के अरावली जिले में एक फैक्ट्री में भीषण आग लग गई है, जिसमें केमिकल से भरे 60 से ज्यादा टैंकर जलकर खाक हो गए हैं. हालांकि आग लगने की वजह का पता नहीं लग पाया है. आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 10 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं.
गुजरात के अरावली जिले में एक केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लग गई. इस आग में केमिकल से भरे 60 से ज्यादा टैंकर जलकर खाक हो गए. हालांकि आग कैसे लगी है, अबतक इसके बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है. आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं.
ANI के मुताबिक, बुधवार तड़के अरावली जिले की केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लगी है. आग किस वजह से लगी है, इसकी जानकारी नहीं है. आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं. इस आग में केमिकल से भरे 60 से ज्यादा टैंकर खाक हो गए हैं. इस आग में अभी तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है. ये आग कैसे लगी है, इसकी जांच की जा रही है.
आग का वीडियो आया सामने
आग लगने की घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें आग की लपटों को आसमान में उठते हुए देखा जा सकता है. फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच रही हैं. आग की चपेट में आए टैंकर भी दिखाई दिए. मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने काफी हद तक आग पर काबू पा लिया है और हल्का-हल्का आग का धुआं उठता दिखाई दे रहा है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.










