
गाजा में IDF का कहर, हवाई हमले में मारे गए 50 लोग, डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी बेअसर
AajTak
सीजफायर को लेकर चल रही बातचीत के बीच इजरायली सेना का गाजा में भीषण हमला जारी है. बीते 24 घंटे में आईडीएफ के हमले में करीब 50 फिलिस्तीनी मारे गए हैं. खान यूनिस पर हुए ताजा हवाई हमले में 17 लोग मारे गए, जिनमें 8 बच्चे शामिल हैं.
सीजफायर को लेकर चल रही बातचीत के बीच इजरायली सेना का गाजा में भीषण हमला जारी है. बीते 24 घंटे में आईडीएफ के हमले में करीब 50 फिलिस्तीनी मारे गए हैं. खान यूनिस पर हुए ताजा हवाई हमले में 17 लोग मारे गए, जिनमें 8 बच्चे शामिल हैं. वहीं, स्थानीय अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अल-अक्सा और नासिर में स्थित अस्पतालों को ईंधन की भारी कमी के कारण बंद करना पड़ सकता है.
जानकारी के मुताबिक, गाजा के खान यूनिस में रिफ्यूजी कैंप, एक कार और दो घरों को निशाना बनाकर जबरदस्त हवाई हमला किया गया है. इसमें 8 बच्चों और 5 महिलाएं समेत 17 लोगों की मौत हो गई. कई लोग बुरी तरह से घायल हो गए हैं. उन्हें फौरन अस्पताल में भर्ती कराया गया. इससे पहले भी इजरायल ने गाजा पर ताबड़तोड़ कई हमले किए, जिसमें हजारों लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है.
गाजा पर लगातार जारी इन इजरायली हवाई हमलों को रोकने के लिए कतर में संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद ने इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार से मुलाकात की है. गाजा में मानवीय संकट और स्थायी युद्धविराम तक पहुंचने के क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों पर चर्चा की है. इसी कड़ी में नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हमास के लिए चेतावनी जारी की है.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि 20 जनवरी को उनके शपथ ग्रहण से पहले गाजा में बंदी बनाए गए करीब 100 बंधकों को फौरन रिहा कर दिया जाए. उन्होंने ऐसा नहीं करने पर मध्य पूर्व को भारी भुगतान करने की धमकी भी दे डाली है. ट्रंप की ओर से बढ़ रहे इस दबाव और कतर में चल रही बातचीत के बावजूद हमास इजराइल बंधकों को रिहा करने के किसी भी समझौते के लिए अपनी शर्तों पर अड़ा है.
इस बीच संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इजरायली हमलों ने कई अस्पतालों और चिकित्सा सुविधाओं को नष्ट कर दिया है. ये युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकता है. मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने सुरक्षा परिषद को बताया कि उनके ऑफिस की एक नई रिपोर्ट में गाजा के अस्पतालों पर हमलों के पैटर्न का दस्तावेजीकरण किया गया है, जिससे पता चला है कि हमले जानबूझकर किए गए हैं.
इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने बताया कि गाजा में कम से कम 27 अस्पतालों और 12 अन्य चिकित्सा सुविधाओं पर 136 हमले हुए. इनकी वजह से मरीजों और अस्पताल में शरण लिए लोगों के साथ डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी भी मारे गए. पिछले साल अक्टूबर से ही इजरायल गाजा में भारी बमबारी कर रहा है. इसमें करीब 47 हजार लोगों की मौत हो चुकी है.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









