
गाजा के बाद यूक्रेन पर आया ट्रंप का 28 सूत्रीय प्लान, क्यों रूस को खुली छूट देता दिख रहा है प्रस्ताव?
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इजरायल और हमास में सीजफायर के काफी पहले से डोनाल्ड ट्रंप रूस-यूक्रेन लड़ाई रुकवाने की कोशिश में थे. अब ये प्रयास 28 पॉइंट्स के पीस प्लान के रूप में सामने आ चुका. अमेरिकी सरकार की प्रस्तावित योजना में हालांकि यूक्रेन के हिस्से कम ही शांति दिख रही है.
फरवरी 2022 में रूस और यूक्रेन में जंग शुरू होते ही दोनों के बीच शांति की कोशिशें भी चलने लगीं. दोनों देशों के अधिकारी बेलारूस और फिर तुर्की में मिले और कूटनीतिक बातचीत करने लगे ताकि लड़ाई रुक जाए, हालांकि चार साल बाद भी स्थिति वही है. अमेरिका दोनों में सुलह की काफी कोशिश करता रहा. हाल में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने इसपर 28 पाइंट्स की शांति योजना दी है.
शुरुआत से ही चल रही है शांति की कोशिश
लगातार चल रही शांति वार्ता में तुर्की मध्यस्थ था. ये रूस-यूक्रेन जंग शुरू होने के महीनेभर बाद की बात है. तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने बताया कि यूक्रेन नाटो से अपनी सदस्यता की मांग रद्द करने को राजी है, साथ ही वो रशियन भाषा को भी आधिकारिक लैंग्वेज का दर्जा देने को तैयार है. इसके बाद रूस ने डिप्लोमेटिक सूझबूझ दिखाते हुए कीव से अपनी सेना हटाने की बात भी की, लेकिन ये सब वक्ती था. जल्द ही जंग ने तेजी पकड़ी और लड़ाई चलती रही.
अब रूस की मांग भी बढ़ चुकी. उसे क्रीमिया पर आधिकारिक कब्जा तो चाहिए ही, साथ ही यूक्रेन के कई और हिस्से भी चाहिए जो इस युद्ध के दौरान उसके कब्जे में आ चुके. ये रूसी-भाषा बहुल क्षेत्र हैं जिनपर पहले से ही रूस अपना दावा करता रहा. जंग की शुरुआत में मध्यस्थता कर रहे तुर्की और बेलारूस अब बीच-बचाव से दूरी बना चुके. लेकिन अमेरिका पिक्चर में आ गया है. उसने शांति प्रयास के नाम पर 28 सूत्रीय प्लान दे दिया. इसमें अमेरिका खुले तौर पर मॉस्को के पक्ष में दिख रहा है.
ट्रंप का पीस प्लान क्या कहता है

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