
गर्भवती महिला के पेट और चेहरे पर मारी थी लात, हमला करने के इल्जाम में पति समेत पांच नामजद
AajTak
पुलिस अधिकारी ने घटना के बारे में बताया कि नर्स के तौर पर काम करने वाली पीड़िता पर 14 अगस्त को उस वक्त हमला किया गया था, जब उसने अपने पति से अन्य महिलाओं के साथ उसके व्यवहार को लेकर सवाल किया था.
Pregnant Woman attacked: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में पुलिस ने एक गर्भवती महिला पर हमला करने के आरोप में उसके पति समेत पांच रिश्तेदारों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इस हमले में वो महिला बाल-बाल बची. एक पुलिस अधिकारी ने इस बारे में गुरुवार को जानकारी दी.
पुलिस अधिकारी ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए पीटीआई को बताया कि नर्स के तौर पर काम करने वाली शिकायतकर्ता पर 14 अगस्त को तब हमला किया गया था, जब उसने अपने पति से अन्य महिलाओं के साथ उसके व्यवहार को लेकर सवाल किया था.
पुलिस अधिकारी ने आगे बताया कि उसके पति मिराज मोहम्मद अली मोमिन ने गर्भवती होने के बावजूद उसके पेट और चेहरे पर लात मारी थी. इस दौरान महिला पर हमले में उसकी सास और ननद भी उसके पति के साथ शामिल हो गईं थीं.
जब पीड़िता की मां ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उन पर भी हमला किया गया था. इसके बाद महिला को इलाज के लिए ठाणे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था. ठीक होने के बाद उसने भिवंडी के निजामपुरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी.
पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (MNS) की धारा 91 (बच्चे को जीवित पैदा होने से रोकने या जन्म के बाद उसकी मृत्यु का कारण बनने के इरादे से किया गया कार्य), 115 (2) स्वेच्छा से चोट पहुंचाने (352) और 351 (2) आपराधिक धमकी के तहत मामला दर्ज किया गया है
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, महिला की गर्भावस्था की स्थिति जानने के लिए पुलिस मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.







