
'खेतों में काम करते हुए भी पढ़ाई करता था बेटा', भावुक कर देगी बिहार बोर्ड 10वीं टॉपर रंजन की कहानी
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Bihar Board 10th Topper Rajan Verma Interview: आर्थिक तंगी के बावजूद रंजन और रंजीत ने अपनी पढ़ाई पर फोकस रखा. दोनों भाई रोजाना साइकिल से स्कूल जाते थे. उनकी मेहनत और लगन का नतीजा यह रहा कि रंजन ने 500 में से 489 अंक हासिल कर बिहार बोर्ड में पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि रंजीत ने 477 अंकों के साथ अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया.
Bihar Board 10th Topper Rajan Verma Interview: बिहार बोर्ड 10वीं रिजल्ट में पिटरो गांव के गरीब परिवार से आने वाले रंजन वर्मा ने पूरे बिहार में पहला स्थान (Bihar Board 10th Topper 2025) प्राप्त किया है. 10वीं कक्षा के नतीजे घोषित होने के बाद एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है. हाईस्कूल अगिआंव बाजार भोजपुर के छात्र रंजन वर्मा ने 489 अंकों के साथ बिहार बोर्ड में पहला स्थान हासिल किया है. रंजन की इस उपलब्धि की खास बात यह है कि उन्होंने अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना करने के बाद यह मुकाम हासिल किया. उनके जुड़वा भाई रंजीत ने भी 477 अंक प्राप्त कर शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन वह टॉप स्थान से सिर्फ 12 अंकों से चूक गए.
गरीबी में भी नहीं टूटी हिम्मत आर्थिक तंगी के बावजूद रंजन और रंजीत ने अपनी पढ़ाई पर फोकस रखा. दोनों भाई रोजाना साइकिल से स्कूल जाते थे. उनकी मेहनत और लगन का नतीजा यह रहा कि रंजन ने 500 में से 489 अंक हासिल कर बिहार बोर्ड में पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि रंजीत ने 477 अंकों के साथ अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया.
किसान थे पिता, डेढ साल पहले हुआ देहांत रंजन और रंजीत की जिंदगी डेढ़ साल पहले उस वक्त पूरी तरह बदल गई, जब उनके पिता (स्वर्गीय शिव शंकर सिंह) की ब्रेन हेमरेज से मृत्यु हो गई. पिता परिवार की आर्थिक रीढ़ थे, और किसान थे. उनकी मृत्यु के बाद परिवार गहरे आर्थिक संकट में डूब गया. रंजन ने बताया कि पिता के जाने के बाद बड़े पापा ने मदद की. रंजन की मां ने कहा, 'बहुत खुशी हो रही है, खुशी के आंसू रुक नहीं रहे हैं लेकिन दुख सिर्फ इस बात का है कि आज यह देखने के लिए रंजन और रंजीत के पिता नहीं हैं. बच्चों ने पूरे परिवार-खानदान का नाम रोशन किया है.
खेतों में काम करते हुए भी पढ़ाई करता था रंजन रंजन की मां ने आगे बताया, 'रंजन खेत में भी काम करने जाता था लेकिन तब भी पढ़ाई करता था. खेत में धान काटते हुए भी उसने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी. बेटा IAS बनना चाहता है उसके लिए मुझसे जो हो सकेगा वो सब करूंगी.' बिहार में टॉप करने को लेकर जब रंजन से पूछा गया कि क्या आपको लग रहा था कि आपको इतनी बड़ी सफलता मिलेगी. जवाब में रंजन ने कहा, 'नहीं, ऐसा तो नहीं लग रहा था लेकिन अब रिजल्ट आ गया है तो मानना ही पड़ेगा.'
मां के बारे में बताते हुए भावुक हुए रंजन, नहीं रोक पाए आंसू रंजन ने बताया, 'जब तक पढ़ते रहते थे तब तक मां जागी रहती थी. ऑनलाइन पढ़ाई के समय मां भी सुनती थी. मां ने पिछले साल के टॉपर्स और माता-पिता को टीवी पर बोलते सुना था, तो वह बोलती थी कि जब तुम टॉप करोगे तो हम भी तुम्हारे लिए ऐसे ही बोलेंगे. यह बताते हुए रंजन काफी भावुक हो गए और अपने आंसू नहीं रोक पाए.
IAS बनना चाहते हैं दोनों भाई बिहार में टॉप करने वाले रंजन वर्मा और अच्छे अंक पाने वाले रंजीत दोनों जुड़वा भाई आगे IAS बनना चाहते हैं. रंजीत कहा, 'भाई ने पूरे जिले में टॉप किया है बहुत खुशी हो रही है. मेरे भाई का नाम टॉपर्स लिस्ट में आ गया. हम दोनों IAS बनना चाहते हैं.'

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