
खालिस्तानी चरमपंथी पन्नू ने दी देश के बाल्कनाइजेशन की धमकी, क्या है इसका मतलब?
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अमेरिका में रह रहे खालिस्तानी चरमपंथी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने हाल में भारत के बाल्कनाइजेशन की धमकी दी. पहले विश्व युद्ध के तुरंत बाद ये टर्म आई, जिसका मतलब है कि किसी देश का छोटे-छोटे टुकड़ों में बंट जाना. सोवियत संघ (अब रूस) से लेकर कई देशों के मामले में ये शब्द कहा जाता रहा.
प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस के नेता और खालिस्तानी अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू का एक वीडियो आया हुआ है, जिसमें वो देश के बाल्कनाइजेशन की बात कर रहा है. ये वीडियो कनाडियन नेता डेविस मॉरिसन की उस बात का जवाब माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने भारत की अखंडता पर जोर दिया था. लेकिन बाल्कनाइजेशन क्या है?
क्या है बाल्कनाइजेशन
सिख फॉर जस्टिस संगठन की नींव रखने वाला पन्नू आएदिन कोई न कोई भड़काऊ बयान देता रहता है. इस कड़ी में उसने एक टर्म इस्तेमाल किया- बाल्कनाइजेशन. यह एक राजनैतिक शब्द है, जो तब उपयोग किया जाता है, जब किसी देश के छोटे-छोटे या कई टुकड़े हो जाएं. ये बंटवारा भाषा, रंग, तौर-तरीकों या विचारधारा, किसी भी आधार पर हो सकता है. ये वो हिस्से होते हैं जो विभाजन के बाद भी आपस में दुश्मनी रखते हैं और एक-दूसरे के क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करते रहते हैं.
इस शब्द का चलन बाल्कन क्षेत्र से शुरू हुआ, जहां 19वीं और 20वीं सदी के दौरान ऑटोमन साम्राज्य के पतन के बाद पूरा प्रायद्वीप कई छोटे-छोटे देशों में बंट गया और उनके बीच राजनैतिक संघर्ष और तनाव बढ़ने लगा. ये पहले विश्व युद्ध से कुछ पहले शुरू हुआ.
बाल्कन क्षेत्र के नाम पर आया शब्द

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