
खामेनेई की तस्वीर जलाई, उसी आग से सिगरेट सुलगाई... ईरान में अब सीधे सत्ता को चुनौती दे रहीं महिलाएं
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ईरान में सत्ता के खिलाफ गुस्सा अब नारे नहीं, प्रतीकों में बदल चुका है. महिलाओं ने ऐसा तरीका चुना है, जो सीधे धार्मिक सत्ता की जड़ पर चोट करता है.
ईरान में चल रहे खूनी जनआंदोलन के बीच महिलाओं ने विरोध का ऐसा तरीका अपनाया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में ईरानी महिलाएं देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की जलती तस्वीरों से सिगरेट सुलगाती दिख रही हैं. यह सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि उस सत्ता को खुली चुनौती है, जहां महिलाओं के अधिकारों पर कड़े पहरे हैं और धार्मिक नियमों की अवहेलना मौत तक की सजा बन सकती है.
खामेनेई की तस्वीर से सिगरेट... क्यों बना विरोध का नया प्रतीक
ईरान में पिछले दो हफ्तों से जारी हिंसक जनविद्रोह के दौरान यह दृश्य सबसे ताकतवर प्रतीक बनकर उभरा है. महिलाएं जलती हुई खामेनेई की तस्वीर से सिगरेट सुलगाकर यह संदेश दे रही हैं कि अब डर खत्म हो चुका है. यह वही देश है, जहां महिलाओं के लिए सार्वजनिक रूप से सिगरेट पीना भी प्रतिबंधों में आता है और सर्वोच्च नेता की तस्वीर जलाना गंभीर अपराध माना जाता है.
क्यों भड़का ईरान, कैसे बदला आंदोलन?
ईरान में विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर से शुरू हुए. शुरुआत में वजह अर्थव्यवस्था, महंगाई और बेरोजगारी थी, लेकिन कुछ ही दिनों में यह आंदोलन सीधे इस्लामिक रिपब्लिक और खामेनेई के खिलाफ विद्रोह में बदल गया. अब प्रदर्शनकारी सिर्फ सुधार नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था को खारिज करने की बात कर रहे हैं.
तेहरान समेत कई शहरों की सड़कों पर 'Death to Khamenei' और 'Pahlavi will return' जैसे नारे गूंज रहे हैं. कई प्रदर्शनकारियों ने ईरान के आखिरी शाह के बेटे रजा पहलवी की वापसी की मांग भी उठाई है.

लंबे समय बाद दुनिया एक ऐसे अमेरिकी राष्ट्रपति को देख रही है जिनके रणनीतिक फैसले ही नहीं शारीरिक भाव भंगिमाएं भी लोगों को अचरज में डाल रही है. डोनाल्ड ट्रंप की कारगुजारियां आज फैमिली गपशप का हिस्सा बन गई हैं. क्या ट्रंप का बिहैवियर किसी चीज से प्रभावित हो रहा है. आपको बता दें कि 79 साल के ट्रंप अपने दिल का ख्याल रखते हुए वर्षों से एस्पिरिन की गोली का ओवरडोज ले रहे हैं.

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच हिंसा तेज होती दिख रही है. टाइम मैगजीन से बातचीत में एक ईरानी डॉक्टर ने दावा किया कि सिर्फ राजधानी तेहरान के केवल छह अस्पतालों में अब तक कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है, जिनमें अधिकतर गोली लगने से मरे हैं. देशभर में इंटरनेट बंदी और सख्त कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शन सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं.

ईरान के लिए आज की रात भारी हो सकती है. निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी ने राष्ट्रपति ट्रंप से तत्काल मदद की मांग की है उन्होंने कहा है कि ईरान में ब्लैकआउट है और इस ब्लैकआउट का इस्तेमाल अली खामेनेई की सरकार युवा क्रांतिकारियों को मारने के लिए कर रही है. उन्होंने कहा है कि कुछ ही देर में लोग सड़कों पर होंगे.

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने हाल ही में बढ़ रहे आंदोलन के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पहली बार सीधे हमले किए हैं. देश के नाम अपने संबोधन में खामेनेई ने कहा कि ट्रंप का भी अंत होगा. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ ईरानी जनता दूसरे देश के नेताओं को खुश करने के लिए सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. इधर, ईरानी जनता और सरकार के बीच जारी गतिरोध के कारण देश में आंदोलन तेज हुए हैं, जो राजनीतिक बदलाव की ओर संकेत कर सकते हैं.

ईरान को इस्लामी रिपब्लिक और कट्टरपंथ रास नहीं आया. आर्थिक तबाही, महिलाओं का दमन, भ्रष्टाचार आदि ने लोगों को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया है. ईरानी लोग सड़कों पर उतरकर 'तानाशाह मुर्दाबाद... इस्लामिक रिपब्लिक मुर्दाबाद... ना गाजा ना लेबनान के लिए, मेरी जिंदगी ईरान के लिए...' जैसे नारे लगा रहे हैं.








