
खाड़ी देशों से जान बचाकर भाग रहे अमीर! अब ओमान ने लगाई प्राइवेट जेट पर रोक
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जंग के चलते मिडिल ईस्ट में हवाई यात्रा बुरी तरह प्रभावित हुई है. बढ़ते सुरक्षा खतरों के बीच कई अमीर लोग इलाके से निकलने के लिए प्राइवेट जेट का सहारा ले रहे हैं. हालात को देखते हुए ओमान ने मस्कट इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्राइवेट जेट उड़ानों पर सीमा तय कर दी है.
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष का असर पूरे मिडिल ईस्ट की हवाई सेवाओं पर साफ दिख रहा है. कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द होने से हजारों यात्री एयरपोर्ट्स पर फंसे हुए हैं. एयरलाइंस और सरकारें लगातार राहत अभियान चला रही हैं ताकि यात्रियों को सुरक्षित निकाला जा सके. मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे के चलते ज्यादातर हवाई क्षेत्र अभी भी बंद हैं. कुछ लोग निजी जेट का सहारा ले रहे हैं, जबकि सीमित चार्टर और कमर्शियल उड़ानों के जरिए हजारों यात्रियों को बाहर निकालने की कोशिश जारी है.
कई यात्री मिडिल ईस्ट से निकलने के लिए भारी कीमत चुका रहे हैं. कुछ सीधे एयरपोर्ट पहुंच रहे हैं, तो कुछ सड़क मार्ग से अपेक्षाकृत सुरक्षित हब की ओर जा रहे हैं. कई मामलों में यात्री विमानों को लड़ाकू विमानों की एस्कॉर्ट भी दी जा रही है. इस बीच खाड़ी देशों से अमीरों के पलायन के चलते ओमान के मस्कट एयरपोर्ट ने प्राइवेट जेट उड़ानों पर सीमा तय कर दी है.
ओमान के मस्कट इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने प्राइवेट जेट ऑपरेटरों से कहा है कि वे फिलहाल अतिरिक्त उड़ानें न चलाएं. एयरपोर्ट प्रशासन ने मौजूदा हालात में सरकारी और नियमित कमर्शियल उड़ानों को प्राथमिकता देने का फैसला किया है.यह भी पढ़ें: लेबनान से Exclusive ग्राउंड रिपोर्ट: चारों ओर तबाही का मंजर! 400 मौतें, 5 लाख लोग बेघर
केवल पहले से तय सेवाएं चलेंगी
जंग की हालातों के चलते एयरपोर्ट प्रशासन ने शुक्रवार को चार्टर विमान कंपनियों को भेजे ईमेल में कहा, कि मस्कट इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों की आवाजाही फिलहाल केवल पहले से तय सीजनल शेड्यूल वाली सेवाओं तक सीमित रखी गई है.
एयरपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला भीड़ और दबाव को संभालने और एयरपोर्ट की क्षमता को तय सीमा के भीतर बनाए रखने के लिए लिया गया है.

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