
खबरी या ट्रैकिंग सिस्टम... अमेरिका-इजरायल को किसने लीक की खामेनेई की सटीक लोकेशन?
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अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक तेहरान में उनके मुख्यालय पर महज 30 सेकेंड में 30 बम गिराए गए और सटीक लोकेशन के आधार पर हमला किया गया. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि खामेनेई की लोकेशन कैसे लीक हुई.
ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले से मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर है. ईरान कहता है कि 'इस्लामी क्रांति के नेता अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई की हत्या का जुर्म बिना सजा के नहीं छोड़ा जाएगा.' ईरान के सर्वोच्च नेता, ईरान समेत दुनिया के तमाम मुस्लिमों के रहबर माने गए, जिन्हें समर्थक इस्लामी व्यवस्था का सबसे मजबूत रक्षा कवच मानते रहे, वो अयातुल्ला अली खामेनेई केवल एक मिनट के हमले में 30 सेकेंड के भीतर मार दिए गए. अमेरिका की मिसाइल और इजरायली एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने 30 सेकेंड में 30 धमाके किए. सफेद धुएं का ऐसा गुबार उठता दिखता है मानो इससे बड़ी तबाही ईरान ने कभी झेली ना हो. सच भी यही है. इन धमाकों ने ईरान के सिर से खामेनेई की सरपरस्ती को छीन लिया है.
कैसे लीक हुई खामेनेई की लोकेशन?
सवाल उठता है कि इजरायल को कैसे पता चला कि खामेनेई कहां मौजूद हैं? खामेनेई की चूक जिंदगी पर भारी पड़ी या फिर खामेनेई की लोकेशन लीक हुई? तेहरान में खामेनेई के मुख्यालय की इमारत पर 30 सेकेंड में गिराए गए 30 बम ने सुप्रीम लीडर के दफ्तर को पूरी तरह से तहस नहस कर दिया, जिसके बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 'इतिहास के सबसे क्रूर लोगों में से एक खामेनेई की मौत हो गई है.'
सिर्फ 30 सेकेंड में कैसे कर दिया खत्म?
अब सवाल आता है कि जिन खामेनेई को पिछले कई दशक में लगातार घेरने के बाद कभी अमेरिका और इजारयल छू तक नहीं पाए, उनको केवल 30 सेकेंड में कैसे खत्म कर दिया गया? इसका जवाब है इजरायल और अमेरिका का दावा है. उनका कहना है कि उनके पास खामेनेई की सटीक लोकेशन की जानकारी थी.
दावा है कि तेहरान में इजरायल के फाइटर जेट से 30 बम गिराए गए. ये हमला तब किया गया जब खामेनेई अपने चुनिंदा हाई टॉप लेवल अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रहे थे. जानकारी मिलते ही जो हमला बाद में किया जाना था, उसे तुरंत करके खामेनेई को मार दिया गया.

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