
'क्रीमिया यूक्रेन है...', जेलेंस्की को मिला वैश्विक नेताओं का समर्थन, रूस पर कब्जा छोड़ने के लिए बढ़ाया दबाव
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यूएन जनरल असेंबली के दौरान पांचवां क्रीमिया प्लेटफॉर्म शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया. जिसमें वैश्विक नेताओं ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की का समर्थन किया और रूस की आक्रामक नीतियों पर तीखा हमला बोला.
न्यूयॉर्क में बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के मौके पर आयोजित पांचवें क्रीमिया प्लेटफॉर्म शिखर सम्मेलन में कई वैश्विक नेताओं ने यूक्रेन को खुला समर्थन दिया और रूस की नीतियों को लेकर चिंता जताई. समिट में 'क्रीमिया यूक्रेन है' का नारा गूंजा और वैश्विक नेता रूस पर बरसे.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, रूस चाहता है कि युद्ध दुनिया के लिए सामान्य स्थिति बन जाए. लेकिन हमें इसकी अनुमति नहीं देनी चाहिए. हत्याओं और रूसी कब्जे को दुनिया अनदेखा नहीं कर सकती. कब्जाधारी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए, क्योंकि इस युद्ध का दोषी सिर्फ रूस है.
एस्टोनिया के राष्ट्रपति एलार करिस ने रूस की निंदा की और कहा कि उनका देश हाल ही में रूसी लड़ाकू विमानों के हवाई उल्लंघन का शिकार हुआ है. उन्होंने कहा, रूस लगातार मानवाधिकार उल्लंघन कर रहा है, जिसमें क्रीमियन टाटर्स जैसी मूल निवासी जातियां सबसे ज्यादा पीड़ित हैं. वे दमन के खिलाफ खड़े होकर स्वतंत्र मीडिया और सूचना की रक्षा कर रहे हैं.
क्रीमियन टाटर्स के प्रतिनिधि मुस्तफा जेमिलेव ने कहा कि यूक्रेन की आजादी उनके समुदाय की आजादी से जुड़ी है. उन्होंने चेतावनी दी और कहा, मूल निवासियों को विस्थापित करने की प्रक्रिया जारी है. अगर क्रीमिया को आजाद नहीं किया गया तो आने वाले समय में क्रीमियन टाटर्स का एक स्वतंत्र जातीय समूह के तौर पर अस्तित्व समाप्त हो जाएगा.
क्रीमिया प्लेटफॉर्म एक वार्षिक शिखर सम्मेलन है, जिसे 2014 में रूस द्वारा क्रीमिया के कब्जे और अधिग्रहण के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने के लिए शुरू किया गया था. इस मंच पर रूस के व्यापक सैन्य अभियान और कब्जे की रणनीति पर चर्चा की जाती है.

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