
क्यों रखा ताजपुरिया टाइटल? तिहाड़ जेल में मारे गए टिल्लू की क्राइम कुंडली
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टिल्लू ताजपुरिया पहले दिल्ली की मंडोली जेल में बंद था, लेकिन जितेंद्र गोगी की हत्या के बाद उसे तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया गया था. कहा जाता है कि टिल्लू ताजपुरिया जेल के अंदर से ही अपनी जरायम की दुनिया का कामकाज संभालता था.
तिहाड़ जेल में हुई गैंगवार में कुख्यात गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या कर दी गई. तिहाड़ में योगेश टुंडा और उसके साथी दीपक तीतर ने लोहे की रॉड से टिल्लू पर हमला किया था. इसके बाद उसे डीडीयू अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां सुबह 6.30 बजे उसकी मौत हो गई. टिल्लू ताजपुरिया उर्फ सुनील मान पर अपने विरोधी जितेंद्र गोगी की हत्या समेत अन्य कई आपराधिक वारदातों को अंजाम देने का आरोप है. टिल्लू ताजपुरिया पहले दिल्ली की मंडोली जेल में बंद था, लेकिन जितेंद्र गोगी की हत्या के बाद उसे तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया गया था.
कहा जाता है कि टिल्लू ताजपुरिया जेल के अंदर से ही अपनी जरायम की दुनिया का कामकाज संभालता था. उसके नाम के पीछे ताजपुरिया को लेकर बताया जाता है कि वह ताजपुरिया गांव का ही रहने वाला है, इसलिए उसने अपना नाम टिल्लू ताजपुरिया कर लिया. वह दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्रद्धानंद कॉलेज का छात्र था. इस कॉलेज में पढ़ने वाले जितेंद्र गोगी के साथ उसकी दोस्ती थी, लेकिन बाद में दोनों दुश्मन बन गए.
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नीरज बवानिया के जेल जाने के बाद वर्चस्व की लड़ाई
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