
क्या है पीएम श्री योजना? जिसकी पहली किस्त में PM मोदी ने जारी किए 630 करोड़ रुपये
AajTak
What is PM Shree Yojana: पीएम श्री योजना के तहत राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों/ केंद्रीय विद्यालय संगठन/ नवोदय विद्यालय समिति के चयनित 6207 स्कूलों को पहले चरण की पहली किस्त के रूप में 630 करोड़ रुपये से अधिक की केंद्रीय राशि हस्तांतरित कर दी है.
What is PM Shree Yojana: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज, 29 जुलाई 2023 को प्रगति मैदान के भारत मंडपम में अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2023 का उद्घाटन किया. नई शिक्षा नीति (NEP 2020) की तीसरी वर्षगांठ के मौके पर इस समागम का आयोजन किया गया, जो दो दिन चलेगा.
पीएम मोदी ने इस कार्यक्रम में उद्घाटन भाषण देते हुए शिक्षा जगत में होने वाले बड़े बदलावों पर चर्चा की. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तीन साल पूरे होने पर उन्होंने देशभर के बुद्धिजीवियों का आभार प्रकट किया, जिन्होंने इसे एक मिशन की रूप में लिया और आगे भी बढ़ाया.
पीएम मोदी ने पीएम श्री योजना (पीएम स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) के तहत राशि की पहली किस्त भी जारी की. पीएम श्री योजना के तहत राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों/ केंद्रीय विद्यालय संगठन/ नवोदय विद्यालय समिति के चयनित 6207 स्कूलों को पहले चरण की पहली किस्त के रूप में 630 करोड़ रुपये से अधिक की केंद्रीय राशि हस्तांतरित कर दी है.
पीएम श्री योजना क्या है? राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत देशभर के 14500 स्कूलों को पीएम श्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) योजना के तहत अपग्रेड किया जाएगा. केंद्र की इस योजना से 18 लाख छात्रों को फायदा होगा. खास बात यह है कि ये सभी स्कूल सरकारी होंगे, जिनका चयन राज्यों के साथ मिलकर किया जाएगा. पीएम मोदी ने शिक्षक दिवस के मौके पर इसकी घोषणा की थी. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक नई केंद्र प्रायोजित योजना 'पीएम श्री स्कूल' को मंजूरी दी है. पीएम श्री स्कूल अपने आसपास के अन्य स्कूलों को मार्गदर्शन और नेतृत्व प्रदान करेंगे.
दरअसल, वर्ष 2022-23 से 2026 तक पांच वर्षों की अवधि के लिए पीएम श्री योजना के तहत 27360 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इन स्कूलों में नवीनतम तकनीक, स्मार्ट कक्षा, खेल और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा.
कैसे चुने जाएंगे स्कूल? देशभर में पीएम श्री योजना के तहत 14,597 स्कूलों का आदर्श स्कूलों के रूप में चयन तीन चरणों वाली प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा. सहायता प्राप्त करने के लिए स्कूल प्रतिस्पर्धा होगी, पूरे देश में कुल स्कूलों की संख्या की ऊपरी सीमा के साथ प्रति ब्लॉक अधिकतम दो स्कूलों (एक प्राथमिक और एक माध्यमिक/ उच्च माध्यमिक) का चयन किया जाएगा. पीएम श्री स्कूलों के चयन और निगरानी के लिए स्कूलों की जियो-टैगिंग की जाएगी.

इलेक्ट्रिक गाड़ियों के साथ सबसे बड़ी चुनौती उन्हें चार्ज करने की होती है. रेंज एंजायटी जैसे शब्द इसी चिंता से निकले हैं, जहां लोगों को ये डर सताता रहता है कि जाने कब उनकी कार बंद हो जाए और उसे चार्ज कहां करेंगे. इसका निदान चीनी कंपनियां तेजी से खोज रही हैं. एक चीनी कंपनी ने सिर्फ 11 मिनट में फुल चार्ज होने वाली सोडियम-आयन बैटरी तैयार की है.

Wobble K Series LED TV Review: कम कीमत में बड़ी स्क्रीन चाहते हैं, तो मार्केट में अब कई ऑप्शन मिलते हैं. ऐसा ही एक टीवी हमने पिछले दिनों इस्तेमाल किया है, जो दमदार फीचर्स के साथ आता है. हम बात कर रहे हैं वॉबल के 65-इंच के टीवी की. ये टीवी 40W के साउंड आउटपुट के साथ आता है. आइए जानते हैं ये टीवी किनके लिए अच्छा ऑप्शन है.











