
क्या दाल में है कुछ काला....? सीमा हैदर के PUBG वाले प्यार में पाकिस्तान ने अभी तक नहीं दिया जवाब, यूपी पुलिस की जांच पड़ी धीमी
AajTak
Seema Haider: सीमा हैदर को ऑनलाइन PUBG गेम खेलने के दौरान ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा निवासी सचिन से प्यार हुआ था. इसके बाद महिला पाकिस्तान से चलकर नेपाल के रास्ते अपने बच्चों के साथ भारत आ गई थी. तब मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया था. लेकिन बहुत ही जल्द जमानत पर बाहर भी आ गई.
पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते अपने 4 बच्चों के साथ आई सीमा हैदर इन दिनों पति सचिन मीणा के साथ ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा गांव में ही अपनी जिंदगी गुजर-बसर कर रही है. सीमा अब सनातनी बन चुकी है. हर एक हिंदू त्योहार पूरे रीति-रिवाज से मनाती हुई नजर आती है. लेकिन अभी भी भारतीय एजेंसियां सीमा हैदर को लेकर जांच कर रही हैं. पाकिस्तानी महिला से मिले दस्तावेजों को इकट्ठा कर ग्रेटर नोएडा पुलिस अपने पाकिस्तान एंबेसी को सत्यापन के लिए करीबन 2 महीने पहले भेजा था, जिनका जवाब अभी तक नहीं आया है. पुलिस अभी भी रिपोर्ट का इंतजार ही कर रही है.
पता हो कि सीमा हैदर को ऑनलाइन PUBG गेम खेलने के दौरान ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा निवासी सचिन से प्यार हुआ था. इसके बाद महिला पाकिस्तान से चलकर नेपाल के रास्ते अपने बच्चों के साथ भारत आ गई थी. तब मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जेल भेज दिया था. लेकिन बहुत ही जल्द जमानत पर बाहर भी आ गई. क्योंकि सीमा के खिलाफ जासूसी का कोई तो सबूत नहीं मिला था.
लेकिन उसके बाद भी जांच एजेंसियों ने काफी दिनों तक सीमा-सचिन से अलग-अलग पहलुओं पर दिन-रात पूछताछ की. लेकिन कुछ नहीं निकला. तब देश की नहीं बल्कि विदेशी मीडिया में भी सीमा-सचिन की कहानी बताई गई और देखते ही देखते सीमा सेलिब्रिटी भी बन गई.
सीमा ने सनातन धर्म अपना लिया तो तुलस पूजा करने लगी और साथ ही चाहे कोई भी हिंदू त्यौहार हो, उसके पूरी रीती रिवाज और विधि विधान से मानने लगी. लेकिन इस बीच भी अभी भी जांच अभी भी जारी है.
सीमा-सचिन की कहानी, इश्क है या फसाना... जानें, क्या कहती है कराची के थाने में दी गई तहरीर
शुरुआती दौर में सीमा हैदर मामले में जांच रबूपुरा थाने को सौंपी गई थी, लेकिन बाद में जांच को ट्रांसफर कर जेवर थाने को सौंप दिया गया था. जेवर थाना पुलिस दस्तावेजों को इकट्ठा करने में लग गई.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.








