
'क्या ट्रंप हमारे PM को भी किडनैप कर लेंगे?' वेनेजुएला संकट पर पूर्व CM चव्हाण के बयान से सियासी बवाल
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महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने ये टिप्पणियां पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ पर टिप्पणी करते हुए कीं. बीजेपी ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे कांग्रेस की भारत विरोधी मानसिकता करार दिया है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने एक विवादित बयान देकर देश की राजनीति में हलचल मचा दी है. वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ अमेरिका की हालिया कार्रवाई का जिक्र करते हुए चव्हाण ने सवाल उठाया कि क्या भविष्य में डोनाल्ड ट्रंप भारतीय प्रधानमंत्री के साथ भी ऐसा ही कर सकते हैं? बीजेपी ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे कांग्रेस की भारत विरोधी मानसिकता करार दिया है.
चव्हाण ने ये टिप्पणियां पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ पर टिप्पणी करते हुए कीं. उन्होंने कहा कि ट्रंप ने भारत के साथ व्यापार को बाधित करने के लिए टैरिफ का इस्तेमाल किया. अगर ट्रंप अतिरिक्त 50% टैरिफ भी लगा दें, तो भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा. इसके बाद चव्हाण ने सवाल करते हुए कहा, “सवाल यह है कि क्या भारत में भी वही होगा जो वेनेजुएला में हुआ? क्या ट्रंप हमारे प्रधानमंत्री को किडनैप करेंगे?”
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने X पर इंटरव्यू का एक क्लिप शेयर करते हुए कांग्रेस नेता की आलोचना की. उन्होंने लिखा, "कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण बेशर्मी से भारत की स्थिति की तुलना वेनेजुएला से कर रहे हैं. यह पूछकर कि 'जो वेनेजुएला में हुआ, क्या वह भारत में हो सकता है', कांग्रेस अपनी भारत विरोधी मानसिकता साफ कर रही है."
एक और इंटरव्यू में चव्हाण ने की ऐसी ही टिप्पणी
एक और इंटरव्यू में चव्हाण ने इसी तरह की टिप्पणियां कीं और कहा कि जो वेनेजुएला में हुआ, वह भारत में भी हो सकता है. उन्होंने संकट पर कथित चुप्पी को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला और कहा कि वेनेजुएला में जो कुछ हुआ वह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के खिलाफ था. उन्होंने आगे चेतावनी दी कि ऐसे कदम वैश्विक स्तर पर एक खतरनाक मिसाल कायम कर सकते हैं.
चव्हाण ने भारत की विदेश नीति पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि सरकार प्रमुख वैश्विक संघर्षों पर स्पष्ट रुख अपनाने में विफल रही है. उन्होंने कहा, “भारत ने हमेशा की तरह कुछ नहीं कहा, वेनेजुएला मामले पर कोई रुख नहीं लिया. रूस और चीन ने रुख अपनाया है और अमेरिका ने जो किया है उसकी आलोचना की है.”

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