
कौन है वो 'व्हाइट मैन' जिसके ऑफर का शेख हसीना ने किया था जिक्र? तख्तापलट के लिए अमेरिका पर क्यों लग रहा इल्जाम
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बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिरने के पीछे अमेरिका का हाथ होने की बात कही जा रही है. शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने इस तख्तापलट के लिए अमेरिका पर शक जताया है. दो महीने पहले ही शेख हसीना ने एक मीटिंग में 'व्हाइट मैन' के ऑफर का जिक्र किया था. ऐसे में जानते हैं कि क्यों इस तख्तापलट के लिए अमेरिका पर आरोप लग रहे हैं.
इस साल जनवरी में हुए चुनाव में जीतकर पांचवीं बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बनीं शेख हसीना के लिए कई महीने अच्छे नहीं रहे. पहले चुनाव में धांधली का आरोप लगा, फिर कोटा सिस्टम को लेकर हफ्तों तक प्रदर्शन और आखिरकार शेख हसीना के इस्तीफे की मांग. प्रदर्शनकारियों के आगे शेख हसीना को झुकना पड़ा. इस्तीफा देना पड़ा और इसके साथ ही उन्हें अपना ही मुल्क भी छोड़ना पड़ा. वही मुल्क जहां की सत्ता में 15 साल से शेख हसीना काबिज थीं.
बहरहाल, शेख हसीना को जिन हालातों में इस्तीफा देकर अपना मुल्क छोड़ना पड़ा है, उसके लिए अब 'विदेशी दखल' का दावा भी किया जा रहा है.
शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने इस तख्तापलट के पीछे अमेरिका का हाथ होने का शक जाहिर किया है. आजतक से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'अमेरिका मजबूत सरकार नहीं चाहता. वो बांग्लादेश में कमजोर सरकार चाहता है. वो एक ऐसी सरकार चाहता है जिसे नियंत्रित कर सके. वो शेख हसीना को नियंत्रित नहीं कर पाए.'
जाने-माने विश्लेषक ब्रह्म चेलानी ने भी विदेशी एंगल की बात कही है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'शेख हसीना ने तेजी से बांग्लादेश को आर्थिक विकास दिया. लेकिन शक्तिशाली बाहरी ताकतें उनके खिलाफ खड़ी थीं. तीस्ता परियोजना भारत को देने के उनके फैसले से चीन नाराज हो गया. और दुख की बात है कि बाइडेन भी उनके पीछे पड़ गए थे.'
हालांकि, बांग्लादेश में हुए तख्तापलट के लिए अमेरिका पर इल्जाम लग रहे हैं, उसके संकेत कुछ महीनों पहले ही शेख हसीना ने दे दिए थे. शेख हसीना ने एक मीटिंग में अमेरिका का नाम लिए बगैर कहा था कि उनके ऊपर विदेश से दबाव बनाया जा रहा है.
क्या कहा था शेख हसीना ने?

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