
कौन है मिस्ट्री वूमेन Cristiana Barsony? पेजर अटैक में आया नाम
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बीते दिनों लेबनान में हुए पेजर अटैक के बीच एक 49 साल की इटालियन-हंगेरियन महिला Cristiana Barsony-Arcidiacono का नाम चर्चा में आ गया है. आरोप है कि उनकी कंपनी BAC ने ये पेजर बनाए थे.
हाल ही में लेबनान की राजधानी बेरूत में पेजर में धमाकों से 12 लोगों की मौत की खबर आई थी और अलग- अलग जगह पेजर फटने से 3 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए थे. वहीं, बुधवार को वॉकी-टॉकी और सोलर पैनल में सीरियल ब्लास्ट ने पूरे लेबनान को दहला दिया. इस बार हमले में 500 से ज्यादा लोग बुरी तरह झुलस गए. इस सब के बीच एक 49 साल की इटालियन-हंगेरियन महिला Cristiana Barsony-Arcidiacono का नाम चर्चा में आ गया है. बुडापेस्ट स्थित बीएसी कंसल्टिंग की लिस्टेड सीईओ के रूप में, क्रिस्टियाना अपनी कंपनी के विस्फोटक पेजर्स से संबंधों के कारण सुर्खियों में आ गई हैं.
दरअसल, इन विस्फोटों के थोड़ी देर बाद, दो फटे हुए पेजरों की अनवैरिफाइड तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आईं थी. तस्वीरों में, 'गोल्ड' शब्द और 'एपी' या 'एआर' से शुरू होने वाला एक सीरियल नंबर दिखाई दे रहा था. इससे संकेत मिला कि ताइवानी कंपनी 'गोल्ड अपोलो' इन पेजर्स के निर्माण में शामिल हो सकती है.
इस फर्म ने किसी भी संलिप्तता से इनकार करते हुए कड़े शब्दों में एक बयान दिया और कहा-'यह मॉडल क्रिस्टियाना की कंपनी बीएसी द्वारा उत्पादित और बेचा जाता है.' गोल्ड अपोलो ने कहा कि उसने BAC को केवल अपने ब्रांड का लाइसेंस दिया था और गोल्ड अपोलो खुद इसके प्रोडक्शन में शामिल नहीं थी. अब क्रिस्टियाना जांच के घेरे में हैं
क्रिस्टियाना की मां ने शुक्रवार को एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि क्रिस्टियाना को कुछ दिनों से 'अनाम धमकियां' मिल रही है और हंगरी की गुप्त सेवाओं ने उन्हें मीडिया से बात न करने की सलाह दी है. उनकी माँ ने कहा कि गैजेट्स के फटने की साजिश में उनकी बेटी किसी भी तरह से शामिल नहीं थी. उनका कहना है कि क्रिस्टियाना सिर्फ ब्रोकर थी और पेजर तो बुडापेस्ट ले होकर गुजरे भी नहीं. उन्होंने हंगरी सरकार के दावे को दोहराते हुए कहा कि फटने वाले पेजर्स का प्रोडक्शन हंगरी में नहीं किया गया था. कौन है मिस्ट्री महिला क्रिस्टियाना बार्सोनी-आर्किडियाकोनो?
channelnewsasia की रिपोर्ट के अनुसार, बार्सोनी-आर्किडियाकोनो की एक क्लासमेट ने बताया कि वह पूर्वी सिसिली में कैटेनिया के पास सांता वेनेरिना में अपने वर्किंग पिता और हाउसवाइफ के साथ एक परिवार में पली और पास के हाई स्कूल में पढ़ी है. उन्होंने उसे काफी रिजर्व नेचर की लड़की बताया. साल 2000 के दशक की शुरुआत में, उन्होंने यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में फिजिक्स में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की थी, जहां पॉज़िट्रॉन पर उनका डेजर्टेशन यूसीएल वेबसाइट पर उपलब्ध है. लेकिन इतने के बाद भी उन्होंने वैज्ञानिक करियर नहीं चुना.
पेजर हमले क्या हैं?

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












