
कौन है धुरंधर का आतिफ अहमद? 51 की उम्र में मिली पहचान, हो रही चर्चा
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एक्टर सलीम सिद्दीकी 'धुरंधर 2' में आतिफ अहमद का किरदार निभा रहे हैं, जो दिवंगत गैंगस्टर-पॉलिटिशियन अतीक अहमद से काफी मिलता-जुलता है. सोशल मीडिया पर हर जगह सलीम सिद्दीकी के चर्चे हो रहे हैं.
रणवीर सिंह स्टारर फिल्म 'धुरंधर 2: द रिवेंज' के रिलीज होने के बाद से ही सिनेमाघरों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फिल्म के किरदारों को लेकर काफी बज बना हुआ है. इसी कड़ी में रिलीज के बाद से ही फिल्म में 'आतिफ अहमद' नाम के एक किरदार की वजह से चर्चा का मुख्य केंद्र बन गई है. जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल है.
इस किरदार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह दिवंगत गैंगस्टर से नेता बने 'अतीक अहमद' से काफी मिलता-जुलता है. फिल्म की कहानी संगठित अपराध की काली दुनिया और राजनीति के साथ उसके जुड़ाव को दिखाती है. यह कहानी उत्तर प्रदेश में हुई असल घटनाओं से प्रेरित है. फिल्म की पटकथा में असल दुनिया के अपराधों की परतें बड़ी बारीकी से खोली गई हैं.
आतिफ अहमद का रोल किसने निभाया? आतिफ अहमद का किरदार एक्टर सलीम सिद्दीकी ने निभाया है. उनकी एक्टिंग को उत्तर प्रदेश के दिवंगत माफिया डॉन की 'कार्बन कॉपी' बताया जा रहा है. 51 वर्षीय इस एक्टर के पास थिएटर और कई बड़े प्रोजेक्ट्स में काम करने का सालों का अनुभव है.
सिद्दीकी को विक्रांत मैसी के साथ '12th Fail' और मनोज बाजपेयी के साथ 'Dispatch' जैसी फिल्मों में उनकी एक्टिंग के लिए काफी सराहा गया है. इसके अलावा स्पेशल ओपीएस, बॉम्बे मेरी जान, और के के मेनन के साथ शेखर होम जैसी फेमस वेबसीरीज भी शामिल है. इसके अलावा उन्होंने मिर्जापुर, स्कैम 2003, काला, इंडिया लॉकडाउन, रक्षा बंधन जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट्स में भी काम किया है. 'धुरंधर 2' में उनकी एक्टिंग को उनके करियर का सबसे बेहतरीन और यादगार रोल माना जा रहा है.
अब जानिए फिल्म में क्या रोल निभाया 'धुरंधर 2' में आतिफ अहमद के किरदार को एक ऐसे ताकतवर राजनेता के तौर पर दिखाया गया है, जिसके ISI-पाकिस्तान से गहरे संबंध हैं. फिल्म की कहानी में दिखाया गया है कि वह पूरे भारत में अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी और हथियारों की स्मगलिंग का एक विशाल नेटवर्क कैसे चलाता है. कहानी का एक बड़ा हिस्सा इस बात पर केंद्रित है कि वह उत्तर प्रदेश के चुनावों को प्रभावित करने के लिए नेपाल के रास्ते पाकिस्तान से नकली नोटों की तस्करी में कैसे शामिल है.
इसके अलावा इलाहाबाद में अपने ठिकाने से काम करने वाले इस किरदार के प्रभाव को फिल्म के कुछ डायलॉग के जरिए भी उजागर किया गया है. उदाहरण के लिए, मेजर इकबाल का यह डायलॉग, 'जब तक आतिफ अहमद जिंदा है, वह सब कुछ संभाल लेगा.' फिल्म की आपराधिक दुनिया में इस किरदार के रणनीतिक महत्व को दर्शाता है. यह फिल्म उसे एक ऐसे सरगना के तौर पर दिखाती है, जिसका असर स्थानीय सीमाओं से कहीं ज्यादा दूर तक फैला हुआ है.













