
धुरंधर 2 में आदित्य धर ने बनाया माहौल, ये 5 कारण बनाते हैं उन्हें फिल्म का 'अनसंग हीरो'
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'धुरंधर द रिवेंज' में रणवीर सिंह तो छाए ही. मगर जो 'पीक डिटेलिंग' का इस्तेमाल करके आदित्य धर ने अपनी कहानी को बुना है, वो उन्हें फिल्म का अनसंग हीरो बनाता है. फिल्म में ऐसे 5 कारण हैं, जिनके दम पर उन्होंने सिनेमा लवर्स को अपना दीवाना बनाने पर मजबूर कर दिया है.
सिनेमा लवर्स इन दिनों सोशल मीडिया पर सिर्फ एक फिल्म 'धुरंधर' की चर्चा में लगे हुए हैं. दिसंबर 2025 में जबसे इसका पहला पार्ट आया है, तबसे हर कोई इसका दीवाना बन चुका है. आलम ये हुआ कि जब इसका पार्ट 2 नजदीक आने लगा, तो हाइप इतनी बढ़ गई कि इसने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड्स तोड़ डाले. 'धुरंधर: द रिवेंज' ने पेड-प्रीव्यू शोज और ओपनिंग डे कलेक्शन के मामले में हर बड़ी फिल्म को पछाड़ दिया.
फिल्म के पहले पार्ट में जहां रहमान डकैत बने अक्षय खन्ना का जलवा दिखा था. वहीं इसके दूसरे पार्ट में हम रणवीर सिंह को शाइन करते हुए देख सकते हैं. उन्होंने हमजा बनकर इस फिल्म में वो गदर मचाया, जो पहले पार्ट में कहीं गायब था. उनका हीरो वाला अवतार 'धुरंधर 2' में देखने को मिला, जिसमें फैंस को खूब मजा भी आया. लेकिन मेरे मुताबिक, फिल्म के असली हीरो आदित्य धर थे जिन्होंने फिल्म को असल मायने में इतना दमदार बनाया.
कहानी में आगे स्पॉइलर्स भी शामिल होंगे
आदित्य धर इन दिनों 'धुरंधर' में अपनी 'पीक डिटेलिंग' के लिए मशहूर हैं. उन्होंने फिल्म में कई ऐसी चीजें की हैं, जिसे लोगों ने ओटीटी पर आने के बाद नोटिस किया. मगर 'धुरंधर: द रिवेंज' में ये पीक डिटेलिंग एक लेवल और ऊपर गई है. आदित्य धर ने अपनी फिल्म को इस तरह बनाया है कि देखने वाला भी दो पल सोच में पड़ जाए. इसकी कहानी से लेकर स्क्रीनप्ले और सरप्राइज हर चीज टॉप-नोच थी.
1. स्टोरी- आदित्य धर ने अपनी फिल्म 'धुरंधर' को एक कहानी में बनाया था, जिसे बाद में उन्होंने दो पार्ट्स में रिलीज किया. कहानी एक ऐसे अनजान शख्स की थी, जिसे अपने देश के लिए अंडरकवर होकर दुश्मन के खेमे में रहना है. इसमें उसकी जान पर पूरा खतरा है. ये कहानी अपने आप में दिलचस्पी बढ़ाने के लिए काफी है. डायरेक्टर ने इस कहानी में रियल-लाइफ इंसिडेंट्स का मसाला डाला, जिससे ये देखने में और भी मजेदार बनी.
2. स्क्रीनप्ले- 'धुरंधर' को अगर एक फिल्म के तौर पर देखा जाए, तो इसका रन-टाइम करीब 7.30 घंटे के करीब बनता है. लेकिन 'धुरंधर' के दोनों पार्ट्स आपको ये रन-टाइम फील नहीं होने देते. ये आखिरी तक सीट से बांधे रखता है, जिसमें स्क्रीनप्ले सबसे अहम है. आदित्य धर ने अपनी फिल्म के स्क्रीनप्ले में इतने एलिमेंट्स और ट्विस्ट डाले हैं कि आपका ध्यान एक सेकेंड के लिए भी नहीं भटकता है. जैसे 'धुरंधर 2' का ओपनिंग सीन, जिसमें जसकीरत अपनी बहन को ढूंढने के लिए एमएलए के पूरे परिवार को मौत के घाट उतार देता है.













