
कौन हैं AAP की शैली ओबेरॉय? MCD में 15 साल से काबिज BJP को किया बाहर
AajTak
दिल्ली मेयर चुनाव में आम आदमी पार्टी की शैली ओबेरॉय ने जीत हासिल की. उन्होंने बीजेपी की उम्मीदवार रेखा गुप्ता को मात दी. मेयर चुनाव के लिए बुधवार को मतदान हुआ. इसमें 250 में से 241 पार्षदों ने हिस्सा लिया. कांग्रेस के सभी 9 पार्षदों ने चुनाव से वॉकआउट कर दिया.
दिल्ली नगर के पटेल नगर के वार्ड नंबर 86 से पार्षद शैली ओबेरॉय आम आदमी पार्टी की ओर से मेयर चुनी गई हैं. शैली ने यहां 150 वोटों के साथ जीत दर्ज की है. इसी के साथ एमसीडी पर पिछले 15 सालों से काबिज बीजेपी को आम आदमी पार्टी को बेदखल कर दिया है.
2013 में AAP में शामिल हुईं शैली ओबेरॉय
शैली ओबेरॉय 2013 में एक कार्यकर्ता के रूप में आप में शामिल हुईं और 2020 तक पार्टी की महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष रहीं. पहली बार पार्षद के रूप में उन्होंने पश्चिमी दिल्ली में भाजपा के गढ़ में जीत दर्ज की. दिल्ली विश्वविद्यालय में एक पूर्व विजिटिंग असिस्टेंट प्रोफेसर और पहली बार पार्षद, शैली ने दिल्ली भाजपा के पूर्व प्रमुख आदेश गुप्ता के गृह क्षेत्र पूर्वी पटेल नगर से चुनाव लड़ा और अपनी प्रतिद्वंद्वी दीपाली कुमारी को 269 मतों से हराया और अब रेखा गुप्ता को हराकर मेयर चुनी गई हैं.
दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थीं शैली
39 साल की शैली ओबेरॉय पश्चिमी दिल्ली के पूर्वी पटेल नगर वार्ड की निर्वाचित पार्षद हैं. वह दिल्ली यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर थीं. वह भारतीय वाणिज्य संघ की आजीवन सदस्य भी हैं. उन्होंने ओबेरॉय ने इग्नू के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज से प्रबंधन अध्ययन में पीएचडी की है. उनके नाम कई पुरस्कार और सम्मान हैं जो उन्हें विभिन्न सम्मेलनों में प्राप्त हुए.
ओबेरॉय विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में सर्वश्रेष्ठ पेपर पुरस्कार की जीत चुकी हैं और उन्होंने ICA सम्मेलन में स्वर्ण पदक (प्रोफेसर मनुभाई शाह पुरस्कार) भी जीता है. उन्हें "मिस कमला रानी पुरस्कार" से भी सम्मानित किया गया है और वह कॉलेज में अधिकतम नंबरों के लिए स्कॉलरशिप धारक भी थीं.दिल्ली और हिमाचल से पढ़ाई 39 साल की शैली ओबेरॉय के पिता का नाम सतीश कुमार ओबराय है. शैली दो बहन और एक भाई है, बहन का नाम मिली खन्ना और भाई का नाम तुषार ओबराय है. उन्होंने पढ़ाई लिखाई दिल्ली और हिमाचल प्रदेश से किया. दिल्ली विश्वविद्यालय के जानकी देवी कॉलेज से बीकॉम तो हिमाचल विश्वविद्यालय से एमकॉम किया. इसके उन्होंने एमफिल और पीएचडी की डिग्री हासिल कर अलग-अलग शिक्षण संस्थानों में पढ़ाया. बिजनेस प्रबंधन के क्षेत्र में उनके कई शोध पत्र तमाम जनरल में छप चुके हैं.

NATO बिना अमेरिका के युद्धाभ्यास कर रहा है. यानी अब वर्ल्ड ऑर्डर बिना अमेरिका के तय हो रहा है और इसे बर्दाश्त करना उसके लिए मुश्किल हो रहा है. इसलिए अमेरिका अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए किसी को टैरिफ की धमकी दे रहा है, किसी को युद्ध की धमकी दे रहा है.अब अमेरिका ने ईरान पर हमला ना करने के बदले अपनी कई शर्तें मानने की चेतावनी दी है. ऐसे में सवाल है क्या अमेरिका अपने वर्चस्व को बरकरार रखने के लिए कोई बड़ा कदम उठा सकता है? देखें ब्लैक एंड व्हाइट.

देश की सर्वोच्च अदालत ने UGC के नए नियमों से सामान्य वर्ग को नफरती करके फंसाए जाने की आशंका को गंभीरता से लिया है. कॉलेज कैंपस में भेदभाव रोकने के नाम पर 13 जनवरी के नियमों को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है. इसके बाद सामान्य वर्ग की राजनीतिक ताकत और इस मुद्दे के व्यापक मायनों पर चर्चा तेज हो गई है. जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए इन नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक ने इसके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

प्रयागराज माघ मेले से लौटे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने सरकार को गोहत्या और मांस निर्यात के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी है. शंकराचार्य ने साफ कहा है कि अगर सरकार द्वारा निर्धारित शर्तें पूरी नहीं की गईं, तो वे मुख्यमंत्री को नकली हिंदू घोषित करेंगे. यह बयान राजनीतिक और सामाजिक विवादों को जन्म दे सकता है क्योंकि गोहत्या और मांस निर्यात जैसे मुद्दे प्रदेश के भीतर संवेदनशील विषय हैं.










