
कोरोना से जंग के लिए देश कितना तैयार? समझें मॉक ड्रिल और लॉकडाउन में क्या कनेक्शन
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अब चीन ही नहीं जापान और अमेरिका समेत कई देशों में कोरोना लोगों को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है. वहीं भारत में कोरोना को लेकर हालात सामान्य बने हुए हैं. हालांकि इससे लड़ने के लिए हर राज्य को अलर्ट कर दिया गया है. इसके अलावा मंगलवार को पूरे देश में कोरोना से लड़ने की तैयारियों को देखने के लिउ मॉक ड्रिल की गई. जानते हैं हम कितना तैयार हैं-
चीन समेत दुनिया के कई देशों में कोरोना कहर बरपा रहा है. देश में चीन जैसे हालात न बनें, सब वेरिएंट बीएफ.7 के कहर वाला पैनिक बटन न दबे, नाइट कर्फ्यू या लॉकाउन जारी न करना पड़े इसलिए केंद्र और राज्यों ने कोरोना से निपटने को लेकर अपनी तैयारी शुरू कर दी है. हालांकि भारत में अभी हालात सामान्य हैं लेकिन आपात स्थिति से निपटने की हमारी क्या तैयारी है, इसके लिए आज पूरे देश में सर्वे किया गया है.
उत्तर से लेकर दक्षिण तक, पूर्व से लेकर पश्चिम तक सभी हेल्थ सेंटर पर मॉक ड्रिल की गई, इससे पता चल गया कि चाइनीज वायरस से निपटने के लिए हम कितने तैयार हैं. देश में कोरोना के हर एंट्री प्वॉइंट का ऑन लोकेशन सर्वे किया गया. यह सर्वे दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, यूपी, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और असम में किया गया.
कोरोना को लेकर लोगों के मन में हैं ये सवाल
- मरीजों के लिए वेंटीलेटर वाले बेड हैं या नहीं?
- पर्याप्त आईसीयू वॉर्ड हैं या नहीं?
- प्राइवेट और सरकारी हॉस्पिटल में कोविड के सेपरेट बेड हैं या नहीं?

आज पूरी दुनिया में यही चर्चा है कि ईरान-अमेरिका युद्ध- रुकेगा या फिर महायुद्ध में बदल जाएगा. इस सवाल की वजह है युद्ध को लेकर अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप का दावा. ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले की नई डेडलाइन का एलान किया, वो भी ये कहते हुए कि ईरान की तरफ से युद्धविराम की पेशकश की गई है और दोनों देशों के बीच टेबल पर बातचीत जारी हैं. लेकिन ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को झूठ का पुलिंदा बताया. अब सवाल यही है कि पर्दे के पीछे क्या ईरान और अमेरिका में कोई बातचीत चल रही है, क्या जल्द युद्धविराम की संभावना है, या फिर ट्रंप के दावे में कोई दम नहीं.

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