
कोरोना संक्रमितों का नहीं हुआ 'आयुष्मान भव'
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यूपी में कोरोना संक्रमण के इलाज में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना गरीबों को कोई लाभ नहीं दिला पायी है. निजी अस्पतालों ने आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को कोविड-19 का इलाज देने में रुचि नहीं ली.
कोरोना संक्रमण के इलाज में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना गरीबों को कोई लाभ नहीं दिला पायी है. आलम यह है कि निजी अस्पताल में एक भी मरीज को आयुष्मान योजना के तहत इलाज नहीं मिल पाया है. उदाहरण के तौर पर प्रयागराज जिले को ही लीजिए. यहां 3,14,893 आयुष्मान कार्ड धारक हैं. प्रयागराज में एक लाख अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हुए. इनमें से 65 हजार से अधिक तो घर पर ही इलाज से ठीक हो गए. कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अप्रैल के दूसरे हफ्ते में बीमारी जब अपनी पूरी तेजी पर थी तब प्रयागराज के सरकारी ही नहीं निजी अस्पताल भी मरीजों से भर गए थे. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, प्रयागराज में करीब डेढ़ दर्जन निजी अस्पताल होने के बावजूद किसी में भी आयुष्मान योजना के तहत कोरोना से संक्रमित गरीब मरीज के इलाज होने की सूचना नहीं है. नर्सिंग होम एसोसिएशन के पदाधिकारी कहते हैं कि आयुष्मान योजना के लिए चिन्हित हर अस्पताल में ऐसे गरीब मरीजों के लिए बेड आरक्षित रहते हैं. आयुष्मान योजना का मरीज निजी अस्पताल इलाज के लिए क्यों नहीं आया इसका जवाब नर्सिंग होम एसोसिएशन के पास नहीं है. प्रयागराज के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रभाकर राय कहते हैं, “आयुष्मान योजना में व्यवस्था है कि सरकारी अस्पताल में बेड खाली न होने पर ही मरीज को निजी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा जाता है. इस वक्त सरकारी अस्पताल में बड़ी संख्या में बेड खाली हैं. ऐसे में निजी अस्पताल में इलाज की अनुमति नहीं दी जा सकती है.”More Related News

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