कोरोना ठीक हो गया लेकिन दो माह बाद भी नहीं जा रही थकान-कमजोरी, डॉक्टर से जानें क्या करें
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कई लोग अभी भी पोस्ट कोविड लक्षणों से भी लोग परेशान हैं. ऐसे में लोगों को क्या करना चाहिए? इसी मुद्दे पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक डॉ सुरेखा किशोर ने बताए टिप्स...
अब त्योहार का मौसम शुरू हो रहा है. कोरोना के दैनिक मामले भी कम होने लगे हैं. बाजारों में भीड़ जुटने लगी है. वहीं कई लोग अभी भी पोस्ट कोविड लक्षण से भी लोग परेशान हैं. ऐसे में लोगों को क्या करना चाहिए? इसी मुद्दे पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक डॉ सुरेखा किशोर ने कहा कि कोरोना महामारी के मामले भले ही कम हुए हैं, लेकिन बीमारी खत्म नहीं हुई है. ये बीमारी अभी भी चल रही है. इसके लिए देश और दुनिया के वैज्ञानिक जानते हैं कि ऐसा हो सकता है कि तीसरी लहर आए और पहले की तरह रूप धारण कर ले, इसके लिए अभी से सावधानी बहुत जरूरी है.
डॉ सुरेखा ने कहा कि आने वाले समय में कई त्यौहार हैं. इस दौरान लोगों को भी सतर्क और जागरुक रहने की जरूरत है. इसके लिए जब कभी घर से बाहर निकलें, तो मास्क हमेशा लगाकर रखें. मास्क का इस्तेमाल बिलकुल न छोड़ें. शारीरिक दूरी का पालन करें. साथ ही अपने हाथों को नियमित अंतराल पर सैनिटाइज करें. इसके अलावा, जब कभी समय और सुविधा मिले, तो अपने हाथों को साबुन और साफ पानी से जरूर धो लें. एक चीज का अवश्य ध्यान रखें कि त्योहारों में भीड़ इकठ्ठा न करें. घर पर ही त्योहारों को मनाएं. जितना हो सके, घर से बाहर कम से कम जाएं और बाहर स्पिटिंग (थूकना) बिल्कुल न करें. इन नियमों का पालन करने से हम सब सुरक्षित रह सकते हैं.
कोरोना से ठीक होने वाले संक्रमितों में कुछ साइड इफेक्ट्स हो रहे हैं. ये बीमारी ठीक होने के बाद भी होती हैं. ये बीमारियां और जटिलताएं कोरोना होने के कुछ सप्ताह बाद आती है और ठीक होने के बाद महसूस होती है. कोरोना से रिकवरी के बाद संक्रमितों को थकान बहुत महसूस होती है. सांस लेने में भी कठिनाई होती है, हल्की खांसी हो सकती है, जोड़ों का दर्द, मांसपेशियों का दर्द, सिरदर्द, सीने में दर्द, दिल की धड़कनें बढ़ सकती है. साथ ही संक्रमितों को खड़े होने पर कमजोरी की वजह से चक्कर भी आते हैं और स्वाद या गंध में कमी आती है. इसके अलावा, हमने नींद, मनोभ्रम और तनाव या अवसाद की समस्या भी नोटिस की है. यह सामान्य बात है. इसमें ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है. चूंकि बीमारी की वजह से कमजोरी होने या पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ितों में कोरोना रिकवरी के बाद होने वाले लक्षण देखे गए हैं. इसके लिए डॉक्टर से जरूर सलाह लें.

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












