
कोरोना काल में आई रिश्तों में दरार, पांच गुना तक बढ़ा पति-पत्नी का झगड़ा
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कोरोना की दूसरी लहर ने न हमसे केवल हमारा स्वास्थ्य और सुख चैन छीना है, बल्कि शारीरिक के साथ ही मानसिक रूप से भी बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाया है. यही वजह है कि कोरोना काल के दौरान यूपी में घरेलू हिंसा पांच गुना तक बढ़ गई है. यह घरेलू हिंसा कई प्रकार के होते है जैसे शारीरिक, मौखिक, भावनात्मक और आर्थिक. घरेलू हिंसा के मामले में यूपी में लखनऊ नंबर वन पर है तो वाराणसी पांचवें पर.
कोरोना की दूसरी लहर ने न हमसे केवल हमारा स्वास्थ्य और सुख चैन छीना है, बल्कि शारीरिक के साथ ही मानसिक रूप से भी बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाया है. यही वजह है कि कोरोना काल के दौरान यूपी में घरेलू हिंसा पांच गुना तक बढ़ गई. यह घरेलू हिंसा कई प्रकार के होते है जैसे शारीरिक, मौखिक, भावनात्मक और आर्थिक. घरेलू हिंसा के मामले में यूपी में लखनऊ नंबर वन पर है तो वाराणसी पांचवें पर. बीएचयू आईआईटी में कंसलटेंट साइकोलॉजी एंड साइकोथेरेपिस्ट डॉक्टर लक्ष्मण ने बताया कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर में किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह शारीरिक के साथ ही मानसिक रूप से भी कितना असर डालेगा. अपने देश में शारीरिक परेशानियों पर तो बात होती है, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य पर नहीं होती. अक्सर लोग मानसिक बीमारियों के लिए झाड़-फूंक और जादू टोने का सहारा ले लेते हैं जिससे स्थिति और बिगड़ जाती है. डॉक्टर लक्ष्मण कहते हैं कि यह मानसिक समस्या डिप्रेशन, एंग्जाइटी, ओसीडी, नींद की समस्या और पैनिक अटैक के रूप में देखी जा रही है. कोरोना काल में लोगों में डिप्रेशन 40 फीसद, एंग्जाइटी 30 से 35 और ओसीडी 20 से 25% तक बढ़ गया है. इसके अलावा यूपी में घरेलू हिंसा की घटनाएं 5 गुना तक बढ़ गई है. घरेलू हिंसा को हल करने के लिए बकायदा एक टीम बनाई गई है जो उत्तर प्रदेश के ज्यादातर शहरों में पहुंचने की कोशिश कर रही है.More Related News

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