
कोटा में 22 दिन में 5वां स्टूडेंट सुसाइड, NEET की तैयारी कर रही थी अहमदाबाद की 24 वर्षीय छात्रा
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Kota Student Suicide: कोटा के जवाहर नगर थाना अधिकारी राम लक्ष्मण गुर्जर ने बताया कि छात्रा सुबह 9 बजे तक जब अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोल रही थी, तो अन्य लोगों को शक हुआ. दरवाजा खोलने पर छात्रा अपने पीजी रूम में मृत मिली.
Kota Student Suicide: राजस्थान की कोचिंग नगरी कहे जाने वाले कोटा में इस साल भी छात्र आत्महत्या का सिलसिला जारी है. बीते 22 दिन में पांच स्टूडेंट्स ने सुसाइड कर लिया है. ताजा मामला 22 जनवरी का है, कोटा में रहकर अंडरग्रेजुएट मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम NEET UG की तैयारी कर रही 24 वर्षीय छात्रा ने सुसाइड कर लिया. मृतक छात्रा गुजरात के अहमदाबाद की रहने वाली थी.
जवाहर नगर थाना अधिकारी राम लक्ष्मण गुर्जर ने बताया कि छात्रा सुबह 9 बजे तक जब अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोल रही थी, तो अन्य लोगों को शक हुआ. दरवाजा खोलने पर छात्रा अपने पीजी रूम में मृत मिली. मौके पर कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. पुलिस ने परिजनों को सूचित कर दिया है और उनके कोटा पहुंचने के बाद आगे की जांच की जाएगी.
22 दिनों में पांच स्टूडेंट सुसाइड
जनवरी के केवल 22 दिनों में कोटा में आत्महत्या की यह पांचवीं घटना है: 7 जनवरी: महेंद्रगढ़ (हरियाणा) के नीरज जाट, जेईई की तैयारी कर रहे थे. उन्होंने हॉस्टल में सुसाइड किया. 8 जनवरी: गुना (मध्य प्रदेश) के अभिषेक, जेईई के छात्र, पीजी में पंखे से लटके पाए गए. 16 जनवरी: उड़ीसा के अभिजीत गिरी, जेईई के छात्र, ने हॉस्टल में आत्महत्या की. 17 जनवरी: बूंदी के एक छात्र ने खिड़की के कुंडे से लटककर सुसाइड किया. 22 जनवरी: अहमदाबाद की 24 वर्षीय छात्रा ने पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या की.
मानसिक दबाव का कारण?
कोटा, जो देश का सबसे बड़ा कोचिंग हब माना जाता है, छात्रों पर बढ़ते शैक्षणिक दबाव और मानसिक तनाव के कारण चर्चा में रहता है. छात्रों की आत्महत्याओं की बढ़ती संख्या ने कोचिंग उद्योग और अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ा दी है. छात्रों पर बढ़ते मानसिक और शैक्षणिक दबाव को कम करने के लिए कोचिंग संस्थानों, माता-पिता और प्रशासन को मिलकर समाधान तलाशने की कोशिश की जा रही है. यह घटनाएं शिक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की गंभीर आवश्यकता को दर्शाती हैं.

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