
कॉलेज में अक्षता के बगल में बैठने के बहाने ढूंढता था, ऋषि सुनक ने शेयर की अपनी लव लाइफ
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ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में आगे चल रहे भारतीय मूल के ऋषि सुनक, इंफोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति के दामाद भी हैं. कॉलेज के दिनों में उनकी मुलाकात अक्षता मूर्ति से हुई थी. अब उन दोनों के बीच प्यार कैसे हुआ, अक्षता और उनके व्यक्तित्व में क्या अंतर है. ये सारी बातें उन्होंने एक इंटरव्यू में शेयर की हैं.
ब्रिटेन में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ऋषि सुनक ने इंफोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति से विवाह किया है. दोनों के बीच की ट्यूनिंग ऐसी है कि लोग उन्हें एक ‘मॉडल कपल’ के तौर पर देखते हैं, लेकिन दोनों के व्यक्तित्व में बड़ा अंतर है. ऐसे में अलग-अलग व्यक्तित्व के लोग कैसे अपने कपल गोल्स सेट करें, उनके लिए ऋषि सुनक की ये बातें गौर करने लायक हो सकती हैं, क्योंकि एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने और अक्षता के व्यक्तित्व में अंतर पर खुलकर बात की....
पहली मुलाकात में ही लगा, कुछ तो है
ऋषि सुनक ने कहा कि अक्षता से उनकी पहली मुलाकात अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी में हुई थी. पहली मुलाकात में ही उन्हें अक्षता में ‘कुछ तो अलग है’ वाली फीलिंग आई. उन दिनों वो MBA की पढ़ाई कर रहे थे. ऋषि सुनक के बताया कि कॉलेज के दिनों अक्सर अक्षता मूर्ति के बगल में बैठने के लिए वह अपनी क्लास के शेड्यूल बदला करते थे. उन्होंने कहा-मुझे उस क्लास को लेनी की जरूरत नहीं थी, लेकिन सिर्फ उसके बगल में बैठने के लिए मैं वो क्लास लिया करता था.
दोनों ने 2006 में शादी की ली. ये शादी बेंगलुरू में दो दिन के फंक्शन में हुई. अक्षता जहां इंफोसिस के को-फाउंडर एन. नारायण मूर्ति की बेटी हैं. वहीं ऋषि सुनक के माता-पिता भारतीय मूल के हैं. उनका जन्म साउथम्पटन इलाके में हुआ है.
‘मैं बहुत व्यवस्थित रहता हूं’
‘द संडे टाइम्स’ को दिए इंटरव्यू में ऋषि सुनक ने कहा- मैं जो यहां कह रहा हूं, वो उसे (अक्षता) को पसंद नहीं आने वाला है. लेकिन मैं आपके साथ ईमानदारी से बात करूंगा. वो चीजों को व्यवस्थित रखने पर ध्यान नहीं देती. हर जगह कपड़े और जूते फैले रहते हैं. और जूतों के तो क्या ही कहने.... इसके उलट मैं बहुत ज्यादा व्यवस्थित (ऑर्गनाइज्ड) और वह एकदम से कुछ भी करने वाली.

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