
कॉमनवेल्थ घोटाले से छवि को लगा झटका, लेकिन सुरेश कलमाड़ी के नाम कई बड़ी उपलब्धियां भी
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कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का पुणे में लंबी बीमारी के बाद 81 साल की आयु में निधन हो गया. कलमाड़ी ने भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप में सेवा दी और बाद में राजनीति में आ गए. वे पुणे से सांसद और नरसिंह राव सरकार में रेल राज्य मंत्री रहे. खेल प्रशासन में उनका योगदान उल्लेखनीय था. 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में भ्रष्टाचार आरोपों के कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा, लेकिन बाद में सभी आरोपों से मुक्त हुए.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का मंगलवार को महाराष्ट्र के पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में 81 साल की आयु में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. सुबह 3:30 बजे उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा. सूत्रों के अनुसार, वैकुंठ श्मशान भूमि में उनका अंतिम संस्कार दोपहर दो बजे के क़रीब किया जाएगा.
सुरेश कलमाड़ी का जन्म 1 मई 1944 को पुणे में हुआ था. उन्होंने 1960 के दशक की शुरुआत में नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) में एंट्री ली और भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप में सेवा दी.
1964 से 1972 तक उन्होंने भारत की सेवा की, जिसमें 1965 और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध भी उनकी भागीदारी रही. 1974 में वायु सेना से समय से पहले सेवानिवृत्त होकर उन्होंने राजनैतिक सफर शुरू किया. स्क्वाड्रन लीडर के रैंक के पद पर रहते हुए उन्होंने सेवानिवृत्त ली थी.
राजनीतिक और खेल प्रशासन में योगदान
संजय गांधी के संरक्षण में कलमाड़ी ने कांग्रेस में कदम रखा. वे पुणे में एक फास्ट फूड आउटलेट चलाते हुए राजनीति में सक्रिय हुए. उनके राजनीतिक जीवन में विवादों की भरमार रही, लेकिन उन्होंने खेल प्रशासन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वे महाराष्ट्र क्रिकेट संघ और अन्य दलों के प्रमुख सदस्य थे, जिनके प्रयासों से खेल क्षेत्र को नई दिशा मिली.
विवाद और वार्ता

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