
कैदियों को बंधक बनाने वाले 4 आतंकियों को रूसी स्नाइपर्स ने एक-एक कर किया ढेर
AajTak
एक रूसी जेल में कैदियों को बंधक बनाने वाले 4 आतंकियों को रूसी स्नाइपर्स ने मार गिराया है और बंधकों को रिहा करा लिया है. संघीय जेल सेवा ने कहा कि सभी चार हमलावरों को मार गिराया है. उन्होंने कहा कि उसके चार कर्मचारियों की चाकू लगने से मौत हो गई और अन्य का अस्पताल में इलाज किया गया जा रहा है.
रूसी स्नाइपर्स ने जेल की घेराबंदी करके जेल सुरक्षाकर्मियों को बंधक बनाने वाले चार कैदियों को मार गिराया है. इन चारों कैदियों का आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट समूह से संबंध होने की भी जानकारी सामने आई है.
राज्य समाचार एजेंसी आरआईए ने नेशनल गार्ड के हवाले से कहा, वोल्गोग्राड क्षेत्र में रूसी नेशनल गार्ड के विशेष बलों के स्नाइपर्स ने चार सटीक शॉट्स के साथ, चार कैदियों को मार गिराया, उन्होंने जेल कर्मचारियों को बंधक बना लिया था. बंधकों को रिहा कर दिया गया है.
संघीय जेल सेवा ने कहा कि सभी चार हमलावरों को मार गिराया है. उन्होंने कहा कि उसके चार कर्मचारियों की चाकू लगने से मौत हो गई और अन्य का अस्पताल में इलाज किया गया जा रहा है. जेल अधिकारी ने यह भी कहा कि हमलावरों ने कुल आठ जेल कर्मचारियों और चार दोषियों को बंधक बना लिया था.
वारदात के वीडियो भी आए सामने
हमलावरों ने अपने हमले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था. इस वीडियो में पीड़ितों को खून से लथपथ देखा जा सकता है, जबकि वीडियो में एक व्यक्ति का गला कटा हुआ दिख रहा है. और एक कैदी चिल्लाकर कहा कि वे इस्लामिक स्टेट के मुजाहिदीन हैं.
अन्य वीडियो में हमलावरों को जेल परिसर में घूमते हुए दिखाया गया था, जहां उनका एक बंधक बैठा हुआ था और उसका चेहरा खून से लथपथ था.

अमेरिका और ईरान में इस समय टकराव देखने को मिल रहा है. अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दे रहा है. अमेरिका का विमानवाहक युद्धपोत अब्राहम लिंकन समुद्र के रास्ते ईरान के करीब पहुंच चुका है जिससे ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं. हालांकि, अरब देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. लगातार धमकियों के बावजूद ईरान पर सीधे हमले से क्यों बच रहा अमेरिका? देखें श्वेतपत्र.

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए हैं. अमेरिका का विमानवाहक युद्धपोत अब्राहम लिंकन समुद्र के रास्ते ईरान के करीब पहुंच चुका है जिससे ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई हैं. वहीं अरब देश अमेरिका को ईरान पर हमला करने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं. दूसरी ओर, ईरान ने इजरायल के आठ प्रमुख शहरों पर हमले की योजना तैयार की है. इस बढ़ती तनाव की स्थिति से मध्य पूर्व में सुरक्षा खतरे और बढ़ सकते हैं.

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए ट्रंप को ईरान में हुई मौतों, नुकसान और बदनामी के लिए जिम्मेदार ठहराया और उन्हें 'अपराधी' बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान में हालिया अशांति अमेरिका की साजिश है और ट्रंप ने खुद इसमें दखल देकर प्रदर्शनकारियों को उकसाया.

व्हाइट हाउस ने गाजा को फिर से बसाने और उस पर शासन के लिए बने 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्यों की लिस्ट जारी की है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बोर्ड के अध्यक्ष होंगे. जबकि विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर सदस्य होंगे. देखें दुनिया आजतक.

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. अयातुल्ला अली खामेनेई की हुकूमत ने प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए फांसी जैसे खौफनाक कदम उठाने का फैसला किया तो अमेरिका ने सीधे एक्शन की चेतावनी दे डाली. हालांकि बाद में ईरान और ट्रंप के ताजा बयानों ने दुनिया को थोड़ी राहत दी. मगर ईरान संकट अब सिर्फ एक देश का नहीं, बल्कि वैश्विक टकराव का संकेत बनता जा रहा है.








