
केरल: कांग्रेस दफ्तर में हुई तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने राहुल गांधी के PA को किया गिफ्तार
AajTak
जून महीने में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दफ्तर पर हमला कर दिया गया था. जमकर तोड़फोड़ हुई थी. तब कांग्रेस ने SFI के कार्यकर्ताओं पर उस तोड़फोड़ का आरोप लगाया था. लेकिन पुलिस ने शुक्रवार को कांग्रेस के ही चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है. इसमें एक तो राहुल गांधी का पीए बताया जा रहा है.
जून महीने में वायनाड में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दफ्तर में तोड़फोड़ हुई थी. तब कहा गया था कि SFI के कार्यकर्ताओं ने वो तोड़फोड़ की और जमकर बवाल काटा. उस घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ था. लेकिन अब पुलिस ने उस मामले में कांग्रेस के ही चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है. एक तो उसमें राहुल गांधी का PA भी बताया जा रहा है.
राहुल के ऑफिस में तोड़फोड़ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने की
जानकारी के लिए बता दें कि 24 जून को कुछ लोगों ने वायनाड में राहुल गांधी के दफ्तर पर हमला कर दिया था. असल में कुछ महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण को लेकर बड़ा फैसला सुनाया था. उस फैसले में स्पष्ट कर दिया गया कि संरक्षित वनों, वन्यजीव अभयारण्यों के आसपास का एक किलोमीटर वाला पूरा इलाका पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (ESZ) रहने वाला है. लेकिन केरल में विवाद इस बात को लेकर रहा कि अगर ये नियम वहां सख्ती से लागू कर दिया जाता है तो पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र में रह रहे लोगों का क्या होगा, वो कहां पर जाएंगे? कहा गया कि इसी बात को लेकर SFI के कार्यकर्ताओं ने वो तोड़फोड़ की थी.
SFI पर लगाए गए खारिज किए गए
लेकिन कांग्रेस के इन आरोपों को पुलिस ने ही खारिज कर दिया है. पुलिस के मुताबिक असल में ये तोड़फोड़ SFI के कार्यकर्ताओं ने नहीं बल्कि कांग्रेस के ही कुछ कार्यकर्ताओं ने की थी. इसी वजह से शुक्रवार को पुलिस ने चार कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया. इसमें राहुल गांधी का PA भी शामिल रहा. अभी तक कांग्रेस या फिर राहुल गांधी ने कार्रवाई पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. लेकिन आने वाले दिनों में ये मुद्दा राज्य की सियासत में बड़ा विवाद बन सकता है.
वैसे राहुल गांधी के दफ्तर पर जब हमला हुआ था, तब उसका एक वीडियो काफी वायरल रहा. उस वीडियों में कुछ प्रदर्शनकारी ऑफिस की खिड़की की तरफ से अंदर घुसने का प्रयास कर रहे थे. उनकी तरफ से ऑफिस के अंदर तोड़फोड़ भी की गई जिस वजह से महात्मा गांधी का फोटो फ्रेम भी टूट गया. अब कांग्रेस ने SFI पर आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस ने पूरे विवाद को अलग ही मोड़ दे दिया है.

माघ मेले के दौरान चोटी खींचने की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाई है. डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस घटना को पूरी तरह से गलत और महापाप बताया है. उन्होंने इस कृत्य की निंदा करते हुए बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान किया है. इस घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है और अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है. इस मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे माहौल और गरमाता दिखाई दे रहा है.

दिल्ली में आयोजित AI समिट में बेहतर भविष्य की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन वहीं राजनीतिक पार्टियां इस तकनीक को हथियार बनाकर आमने-सामने आ गई हैं. कांग्रेस ने AI का एक वीडियो जारी किया, जिसमें लोकसभा स्पीकर का मजाक उड़ाया गया, जिसे बीजेपी ने सदन की अवमानना माना और शिकायत दर्ज कराई. कांग्रेस के तीन नेताओं को नोटिस भेजा गया. दोनों पार्टियां AI वीडियो का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं पर आरोप-प्रत्यारोप कर रही हैं.

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बीजेपी में दो विचारधाराएं दिख रही हैं और बटुकों के सम्मान को डैमेज कंट्रोल बताया. गोरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने 40 दिन का समय दिया था, जिसमें 20 दिन शेष हैं. समय पूरा होने पर स्थिति साफ़ करने की बात कही है.

अब महाराष्ट्र सरकार ने उस पुराने अध्यादेश से जुड़े आखिरी प्रशासनिक आदेश भी वापस ले लिए हैं. यानी जो थोड़ी-बहुत औपचारिक संरचना बची थी, उसे भी खत्म कर दिया गया है. जमीन पर तुरंत कोई बदलाव नहीं होगा, क्योंकि यह आरक्षण पहले से लागू नहीं था. न शिक्षा में इसका फायदा मिल रहा था, न नौकरियों में. लेकिन कानूनी और राजनीतिक रूप से यह एक बड़ा संकेत है.

इंडिया टुडे की OSINT (ओपन सोर्स इंटेलिजेंस) टीम ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब के 50 से ज्यादा ऐसे अकाउंट खंगाले, जहां स्टंट और हादसों के वीडियो डालकर एंगेजमेंट बढ़ाया जा रहा है. कई अकाउंट पहले से कमाई कर रहे हैं या उसकी तैयारी में हैं. सबसे खतरनाक बात ये है कि इसका असर सिर्फ स्क्रीन तक सीमित नहीं है, इससे सड़क पर चलने वाले आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ रही है.

लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गैंग के सुप्रीम गैंगस्टर महफूज जिसे बॉबी कबूतर के नाम से जाना जाता है, को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है. पहले ही दिन बॉबी कबूतर को पुलिस ने पकड़ लिया था और अब उसकी गर्लफ्रेंड खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा को भी ढूंढ़ कर गिरफ्तार किया गया है. खुशनुमा और बॉबी कबूतर दोनों ने लंबे समय तक पुलिस को छकाया था, लेकिन अब उनकी गिरफ्तारी से पुलिस महफूज गैंग पर बड़ा वार करने में कामयाब रही है.







