
'कृषि और डेयरी में भारत के हित सुरक्षित', US डील पर लोकसभा में पीयूष गोयल ने दिया बयान
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अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में बयान दिया है. पीयूष गोयल ने संसद में आश्वस्त किया कि इस डील में भारत के संवेदनशील क्षेत्रों का पूरा ध्यान रखा गया है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो दिन पहले सोशल मडिया पर पोस्ट कर भारतीय उत्पादों पर टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने का ऐलान किया था. इसे लेकर अब वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने संसद में बयान दिया है. पीयूष गोयल ने लोकसभा में यूएस डील की जानकारी देते हुए इसे दोनों पक्षों के लिए लाभकारी बताया और कहा कि हम कृषि और डेयरी क्षेत्र में भारत के हित सुरक्षित रखने में सफल रहे हैं.
पीयूष गोयल ने कहा कि फरवरी, 2025 में पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा के बाद से भारत और अमेरिका पारस्परिक और लाभकारी व्यापार समझौते को लेकर नियमित रूप से चर्चा करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के वार्ताकारों ने पिछले एक वर्ष में कई स्तरों पर गहन बातचीत की है. संवेदनशील और महत्वपूर्ण क्षेत्रों का ध्यान रखते हुए दोनों पक्ष सर्वोत्तम संभावित परिणाम हासिल करना चाहेंगे, यह स्वाभाविक है. पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अपने कृषि और दुग्ध क्षेत्र के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है.
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी क्षेत्र के भी कुछ संवेदनशील क्षेत्र थे. एक वर्ष तक चली कई दौर की बातचीत के बाद दोनों वार्ताकार दल द्विपक्षीय व्यापार समझौते के कई क्षेत्रों को अंतिम रूप देने में सफल रहे. पीयूष गोयल ने कहा कि 2 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय मानकों और अन्य बिंदुओं पर फोन पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति ने भारत से अमेरिकी आयात पर टैरिफ की दर घटाकर 50 से 18 प्रतिशत करने की घोषणा की.
पीयूष गोयल ने जोर देकर कहा कि यह अमेरिका की ओर से कई प्रतिस्पर्धी देशों पर लगाए गए टैरिफ से यह दर कम है. इससे अमेरिकी बाजार में भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में इजाफा होगा. उन्होंने कहा कि इससे भारतीय निर्यातकों को महत्वपूर्ण तुलनात्मक लाभ मिलेगा. सदन के सामने यह दोहराना चाहता हूं कि भारतीय खाद्य और कृषि क्षेत्र में संवेदनशीलता का पूरा ध्यान रखा गया है. पीयूष गोयल ने कहा कि यह साझेदारी लघु और मध्यम उद्यमी, एमएसएमई, कुशल श्रमिकों और उद्योग के लिए नए अवसर खोलेगी. उन्नत प्रौद्योगिकी तक पहुंच सुलभ बनाएगी और भारत के मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड, डिजाइन इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड और इनोवेट इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड के दृष्टिकोण को साकार करेगी.
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उन्होंने आगे कहा कि यह मजबूत ढांचागत समझौता भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने और विकसित भारत 2047 की दिशा में हमारी यात्रा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. वाणिज्य मंत्री ने कहा कि ये दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच मजबूत चुनाव को भी दर्शाता है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार ने कई बार सार्वजनिक रूप से कहा भी है, 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा आवश्यकताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोत्तम प्राथमिकता है.

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