
किसी को टब में डुबाकर मारा, किसी को हौद में... दिल दहला देगी कातिल आंटी की चार मर्डर वाली खौफनाक कहानी
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हरियाणा पानीपत की किलर चाची पूनम ने जलन और मानसिक विकृति के चलते चार मासूम बच्चों को पानी में डुबोकर मार दिया. चौथे कत्ल के बाद इस खुलासे की शुरूआत हुई और फिर पुलिस ने 36 घंटे में इस सनसनीखेज कातिल का खुलासा कर दिया. पढ़ें कातिल के कत्ल करने की पूरी कहानी.
Panipat Serial Killer Aunt Story: हरियाणा में पानीपत की पूनम को देखने वाले आज भी यकीन नहीं कर पा रहे कि इतनी मासूम दिखने वाली औरत के भीतर इतनी नफरत कैसे पल सकती है. बच्चों से हंसते-खेलते उसकी तस्वीरें देखकर कोई सोच भी नहीं सकता था कि यही महिला उन मासूम बच्चों की खुशियों की सबसे बड़ी दुश्मन बन जाएगी. चेहरे पर मीठी मुस्कान, लेकिन दिल में ऐसी जलन कि खूबसूरत बच्चियों को देखकर उसकी आंखों में खून उतर आता था. उसके कत्ल करने का तरीका और उसकी सोच किसी को भी दहला सकती है.
सुंदरता से उपजी सनक पुलिस पूछताछ में कातिल आंटी पूनम ने कबूल किया कि उसकी सबसे बड़ी समस्या सिर्फ एक थी- सुंदर बच्चे. किसी मासूम बच्ची को थोड़ा भी प्यारा सा देखते ही उसके भीतर एक अजीब-सी चुभन उठती थी. उसे लगता था कि परिवार में कोई उससे अधिक आकर्षक नहीं दिखना चाहिए. यह जलन धीरे-धीरे दिमागी विकृति में बदल गई, और एक दिन उसने पहली बार मौत का खेल खेलने का फैसला कर लिया.
पहला मर्डर: ननद की बच्ची बनी शिकार साल 2023 में सोनीपत के बोहड़ गांव में खेलते-खेलते ननद की छोटी बेटी पूनम के पास चली आई. पूनम ने उसे प्यार से बहलाया और बाथरूम में ले जाकर पानी में डुबो दिया. बच्ची तड़पती रही, लेकिन पूनम ने दरवाजा बाहर से बंद कर दिया. परिवार को यह सब हादसा लगा. किसी को अंदाजा भी नहीं था कि इस 'चाची' की पहली काली कहानी शुरू हो चुकी थी.
दूसरा मर्डर: शक से बचने के लिए बेटे का कत्ल लेकिन पहली कत्ल की वारदात को अंजाम देने के बाद उसे डर सताने लगा था कि कहीं कोई उस पर शक न करे? और इस शक से बचने के लिए उसने एक खौफनाक साजिश रच डाली. जिसके तहत उसने ऐसा कदम उठाया, जिसे सुनकर पुलिस भी सन्न रह गई. उसने अपने तीन साल के बेटे शुभम को भी पानी में डुबोकर मार डाला. इसके बाद पूरी दुनिया एक मां के मातम पर दुखी थी, लेकिन किसी को नहीं पता था कि उसकी चीखें नकली थीं और उसकी आंसुओं के पीछे मौत का एक और खौफनाक सच छिपा था.
तीसरा मर्डर: मायके में दोहराई खूनी कहानी साल 2025 में मायके जाते ही पूनम की निगाहें फिर एक मासूम पर अटक गईं. वो मासूम थी उसके भाई की 10 साल की बेटी जिया. जिया की सुंदरता उसे भीतर तक चुभ रही थी. और उसे देखती है, पूनम के भीतर का शैतान जाग उठा था. उसने फैसला कर लिया था कि वो उस बच्ची का काम तमाम करके रहेगी. उसी रात मौका मिलते ही वह बच्ची को पशुबाड़े के पास ले गई और पानी की हौद में उसका सिर दबाकर डुबो दिया और तब तक नहीं छोड़ा जब तक उसे मौत नहीं आ गई. परिवार को लगा कि बच्ची फिसलकर गिर गई. पूनम की मां भी उसकी ढाल बन गईं और मामला फिर हादसा मान लिया गया.
चौथा मर्डर: 6 साल की मासूम बनी शिकार बात 1 दिसंबर 2025 की है. उस दिन नौल्था गांव का एक घर खुशियां से भरा था. वहां काफी चहल पहल थी. मौका एक शादी का था. गीत संगीत, हलचल और हंसी ठहाकों के बीच एक मासूम बच्ची को देखकर पूनम के भीतर फिर वही शैतानी आग भड़क उठी. जेठानी की छह साल की बेटी विधि, जो देखने में बेहद प्यारी और खूबसूरत थी, उसकी आंखों की चुभन बन चुकी थी. जब विधि छत की ओर गई तो पूनम चुपचाप उसके पीछे चली गई और फिर उसने वही पुराना तरीका दोहरा दिया- वहां मौजूद पानी से भरे एक टब में बच्ची का सिर डुबो दिया और तब तक नहीं छोड़ा जब उसकी मौत नहीं हो गई.

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