
किसी का मोटल में मर्डर, तो किसी का स्टेशन के बाहर... ट्रंप के अमेरिका में भारतीय लगातार हो रहे हेट क्राइम के शिकार!
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अमेरिका में मात्र 2 महीने में भारतीय और भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ जो वारदात हुए हैं, इससे इंडियन डायोस्परा स्तब्ध है. अमेरिकी ड्रीम को पूरा करने के लिए हजारों किलोमीटर की यात्रा करने वाले इन भारतीयों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था और सामाजिक मूल्यों के निर्माण में अपना खून पसीना लगाया हुआ है. पर अब वे सहमे हुए हैं.
अमेरिका में पिछले कुछ दिनों में भारतीयों या भारतीय मूल के लोगों की जिन परिस्थितियों में हत्या हुई है. इससे भारतीय सन्न हैं. कुछ ही दिन हुए हैं जब 50 साल के चंद्रमौली नागमल्लैया का गला एक शख्स ने काट दिया था. ये हत्या एकदम वीभत्स थी. इस शख्स ने पहले चंद्रमौली नागमल्लैया का सिर धड़ से अलग कर दिया. फिर उनकी पत्नी और बेटे के सामने इस वहशी ने सिर को फुटबॉल की तरह लात से मारा.
सितंबर की इस घटना से लोग उबर ही रहे थे कि 5 अक्तूबर को पेंसिल्वेनिया में भारतीय मूल के एक शख्स की उनकी मोटल में ही एक दरिंदे ने कोल्ड ब्लडेड मर्डर को अंजाम दिया. 51 साल के मृतक राकेश एहागाबन अमेरिका में मोटल चलाते थे. घटना से ठीक पहले राकेश ने हमलावर से एक सह्रदयी भारतीय की तरह दोस्त कहकर पुकारा था और पूछा था कि तुम ठीक तो हो न. लेकिन इससे इस हत्यारे पर कोई असर नहीं पड़ा.
हाल ही अमेरिका में कई भारतीय और भारतीय मूल के लोग हमले का शिकार हुए हैं.
ये घटनाएं गोलीबारी, चाकूबाजी, सिर कलम करने और संभावित हत्या-आत्महत्या तक फैली हुई हैं. इसके पीछे डकैती, कार्यस्थल पर हुए विवादों या पुलिस एनकाउंटर की वजहें हैं. इन सभी घटनाओं को हालांकि हेट क्राइम के रूप में दर्ज नहीं किया गया है. फिर भी कई घटनाओं ने भारतीय प्रवासियों के बीच बढ़ती सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. आइए इन घटनाओं को सिलसिलेवार समझते हैं?
5 अक्तूबर 2025- पॉइंट ब्लैंक रेज पर मर्डर
अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में 51 साल के राकेश एहागाबन की गोली मारकर हत्या कर दी गई. 37 साल के हत्यारे स्टेनली ने पॉइंट ब्लैंक रेज पर राकेश एहागाबन को गोली मारी और अपने वाहन से चलता बना. राकेश एहागाबन ने अपने मोटल में हथियार लेकर टहलते देख स्टेनली को पूछा था- तुम ठीक तो हो दोस्त. राकेश एहागाबन 51 साल के थे और पीट्सबर्ग के पेंसिल्वेनिया में मोटर चलाते थे.

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