
किडनैपिंग और गैंग रेप का आरोप, फिर लॉकअप में फांसी... अब आरोपी के घरवालों ने पुलिस पर लगाया ये संगीन इल्जाम
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मरने वाले 30 वर्षीय आरोपी की पहचान राकेश सीरवी के तौर पर हुई है. उसके परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे पांच दिनों तक हिरासत में रखा और लगातार प्रताड़ित किया.
राजस्थान के ब्यावर जिले में अपहरण और सामूहिक बलात्कार के एक आरोपी ने गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद पुलिस लॉकअप के अंदर फांसी लगाकर जान दे दी. अब इस मामले में आरोपी के परिवारवाले पुलिस पर उसे प्रताड़ित करने का इल्जाम लगा रहे हैं.
मरने वाले 30 वर्षीय आरोपी की पहचान राकेश सीरवी के तौर पर हुई है. उसके परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसे पांच दिनों तक हिरासत में रखा और लगातार प्रताड़ित किया. हालांकि, पुलिस ने इस मामले में पीटीआई को जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी सीरवी को गुरुवार को हिरासत में लिया गया था और उसी दिन उसकी गिरफ्तारी भी की गई थी.
पुलिस ने इस मामले में आगे बताया कि यह घटना गुरुवार देर रात जैतारण पुलिस थाने में हुई, जब आरोपी ने कंबल काटा और उसका फंदा बना लिया. इसके बाद उसने उसी फंदे से फांसी लगातक खुदकुशी कर ली.
जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) नरेंद्र सिंह चौधरी ने इस बारे में बताया कि चावंडिया कलां गांव के निवासी सीरवी को गुरुवार को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 डी (सामूहिक बलात्कार), 365 (अपहरण) और 342 (गलत कारावास) के तहत गिरफ्तार किया गया था. SP चौधरी ने कहा कि आरोपी विभिन्न पुलिस स्टेशनों में दर्ज बलात्कार सहित अन्य मामलों में भी शामिल रहा था.
इस बीच मृतक के भाई ने पुलिस पर सीरवी को पांच दिनों तक प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. इस मामले पर जिले के पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सीरवी के भाई द्वारा लगाए गए आरोप की जांच की जा रही है और मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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