
कान पर बैंडेज, सधी चाल... पेंसिल्वेनिया में हमले के बाद पहली बार नजर आए ट्रंप
AajTak
अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप को विस्कॉन्सिन के मिल्वॉकी शहर में सोमवार को रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन (RNC) में पहली बार देखा गया. इस दौरान उनके कान पर बैंडेज लगा हुआ था और वह पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच पर आए.
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) पर बीते रविवार को पेंसिल्वेनिया में चुनावी सभा के दौरान जानलेवा हमला किया गया था. इस हमले में ट्रंप बाल-बाल बच गए थे. हमले के बाद ट्रंप पहली बार रिपब्लिकन पार्टी के कन्वेंशन में नजर आए.
हमले के बाद विस्कॉन्सिन के मिल्वॉकी शहर में सोमवार को हुए रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन (RNC) में पहली बार ट्रंप को देखा गया. इस दौरान उनके कान पर बैंडेज लगा हुआ था और वह पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच पर आए.
रिपब्लिकन पार्टी के कन्वेंशन में ट्रंप को आधिकारिक तौर पर राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना लिया गया. उन्हें डेलिगेट्स के 2,387 वोट मिले, जबकि उम्मीदवारी तय करने के लिए 1,215 वोटों की ही जरूरत होती है.
JD Vance को चुना रिपब्लिकन पार्टी का उपराष्ट्रपति उम्मीदवार
ट्रंप ने इस दौरान ओहायो के सीनेटर जेम्स डेविड वेंस (39) को रिपब्लिकन पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार चुना. वेंस 2022 में पहली बार ओहायो से सीनेटर चुने गए थे.
जेडी वेंस किसी समय में ट्रंप के कट्टर विरोधी थे. वह समय-समय पर ट्रंप की आलोचना करते रहते थे. उन्होंने 2015 में एक इंटरव्यू में ट्रंप की लीडरशिप पर सवाल उठाए थे. उस समय ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति थे.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









