
कानपुर: हाईवे पर मिली युवती की सिरकटी न्यूड बॉडी, रेप के बाद हत्या की आशंका
AajTak
कानपुर में एक युवती की सिर कटी लाश मिलने से हड़कंप मच गया. मौके से पुलिस को मृतका की कई हड्डियां और टूटे दांत पड़े मिले. डीसीपी साउथ रविंद्र कुमार ने बताया कि लाश की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं, जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा.
उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक युवती की सिर कटी लाश मिलने से हड़कंप मच गया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच शुरू की. ऐसी आशंका जताई जा रही है कि रेप या गैंगरेप के बाद इस घटना को अंजाम दिया गया होगा. फिर युवती की पहचान छुपाने के बाद उसका गला काट दिया गया. पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर सबूत इकट्ठे किए.
जांच के दौरान मौके से पुलिस को मृतका की कई हड्डियां और टूटे दांत पड़े मिले. डीसीपी साउथ रविंद्र कुमार ने बताया कि गुजैनी थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह कानपुर-दिल्ली हाईवे पर महिला की सिर कटा का शव मिला लाश की शिनाख्त के लिए मुखबिरों को एक्टिव किया गया. साथ ही जांच के लिए क्राइम ब्रांच और सर्विलांस टीम को लगाया गया है. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है.
युवती की सिर कटी लाश मिलने से मचा हड़कंप
शव को देखने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. जिसके बाद मौके पर पुलिस अधिकारी पहुंचे और मामले की छानबीन में जुट गए. मामले की जानकारी मिलते ही कानपुर पुलिस कमिश्नर भी घटनास्थल पर पहुंचे.
पुलिस लाश की शिनाख्त में जुटी
पुलिस का कहना है कि मृतका स्थानीय नहीं है, अगर ऐसा होता तो उसके परिजन अब तक सामने आ चुके होते. एक्सीडेंट और हत्या के एंगल से जांच की जा रही है. जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा.

आज जब वक्त इतना कीमती हो गया है कि लोग हरेक चीज की दस मिनट में डिलीवरी चाहते हैं. वहीं दूसरी तरफ विडंबना ये है कि भारत का एक शहर ऐसा है जहां इंसान को कहीं जाने के लिए सड़कों पर ट्रैफिक में फंसना पड़ता है. यहां हर साल औसतन 168 घंटे लोग ट्रैफिक में फंसे रहते हैं. यानी पूरे एक हफ्ते का समय सिर्फ ट्रैफिक में चला जाता है.

जिस शहर की फायरब्रिगेड के पास छोटे से तालाब के पानी से एक शख्स को निकालने के लिए टूल नहीं है, वह किसी बड़े हादसे से कैसे निबटेगा. युवराज मेहता की मौत ने नोएडा की आपदा राहत तैयारियां की कलई खोल दी है. सवाल यह है कि जब नोएडा जैसे यूपी के सबसे समृद्ध शहर में ये हालात हैं तो बाकी शहर-कस्बों की स्थिति कितनी खतरनाक होगी.

दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में सुधार के कारण कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी इंप्रवूमेंट (CAQM) ने GRAP-3 पाबंदियां हटा दी हैं. AQI में सुधार के चलते अब कंस्ट्रक्शन और आवाजाही पर लगी पाबंदियों में राहत मिली है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में AQI 'एवरेज' से 'खराब' श्रेणी में रह सकता है, जिसके कारण GRAP-3 के तहत गंभीर पाबंदियां लागू नहीं की जाएंगी.

AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने स्पष्ट किया है कि मुसलमानों ने अब फैसला कर लिया है कि वे अब किसी भी ऐसे व्यक्ति को समर्थन नहीं देंगे जो केवल जातीय विभाजन करता है, बल्कि वे उस नेता के साथ जाएंगे जो विकास की बात करता है. उनका यह बयान समाज में सकारात्मक बदलाव और विकास को प्राथमिकता देने की दिशा में है. मुसलमान अब ऐसे नेताओं के साथ खड़े होंगे जो उनकी बेहतरी और समाज के समग्र विकास के लिए काम करें.









