
कहीं तेल का खेल, कहीं पावरगेम... वेनेजुएला ही नहीं, 10 से ज्यादा देशों में US ने खोल रखा है मोर्चा
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ट्रंप प्रशासन ने दक्षिण अमेरिका (वेनेजुएला), यूरोप (रूस-यूक्रेन), एशिया (चीन-ताइवान), मध्य पूर्व (ईरान-इजरायल) और अफ्रीका में मोर्चे खोल रखे हैं. तेल के लिए वेनेजुएला-आर्कटिक, सोना अफ्रीका-अलास्का से, खनिज के लिए कांगो-चिली में खोज का प्रयास कर रहा है. इससे रूस-चीन-उत्तर कोरिया को रोकना चाहते हैं. ट्रंप अमेरिका फर्स्ट से नई विश्व व्यवस्था बनाकर अमेरिका को महान बनाना चाहते हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका ने दुनिया भर में कई मोर्चे खोल दिए हैं. यह सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि आर्थिक प्रतिबंध, कूटनीतिक दबाव और संसाधनों पर कब्जे की लड़ाई है. मुख्य लक्ष्य रूस, चीन और उत्तर कोरिया जैसे देशों को कमजोर करना है.
ट्रंप पुरानी विश्व व्यवस्था को बदलकर एक नई व्यवस्था बनाना चाहते हैं, जहां अमेरिका सबसे मजबूत हो. उनकी राजनीतिक महत्वकांक्षा है कि वे अमेरिका को 'फिर से महान' बनाकर इतिहास में जगह बनाएं. इन चालों से ट्रंप आर्थिक फायदा, सैन्य ताकत में नंबर एक और वैश्विक प्रभुत्व हासिल करना चाहते हैं.
आइए विस्तार से जाने कि अमेरिका किन महाद्वीपों और देशों में मोर्चा खोल रहा है. संसाधनों की खोज कहां हो रही है. इससे क्या फायदा उनको मिलने वाला है.
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अमेरिका ने किन महाद्वीपों और देशों में मोर्चा खोला है?
ट्रंप प्रशासन ने 2025-2026 में कई जगहों पर टकराव बढ़ाया. यह राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति (NSS) 2025 के आधार पर है, जहां रूस-चीन-ईरान-उत्तर कोरिया को संशोधनवादी ताकतें कहा गया है. मुख्य मोर्चे...

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का आज 18वां दिन है. ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले जारी हैं. वहीं ईरान की ओर से भी लगातार जवाबी हमले हो रहे हैं. ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अहम चेहरा लारीजानी को लेकर आई है. इजरायल के रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि लारीजानी को हमले में मार दिया गया है. इजराइल का एक और बड़ा दावा है कि उसके हमले की जद में बसीज कमांडर भी आए हैं. दावे के मुताबिक बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी को भी निशाना बनाया गया. बसीज, ईरान की एक अहम पैरामिलिट्री फोर्स है, जो आंतरिक सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाती है. खबर ये भी है कि लारीजानी के दफ्तर से दावा है कि कुछ देर में संदेश जारी होगा. लेकिन इजरायल सीधा दावा कर रहरा है कि हमले में लारीजानी को मार दिया गया है.

ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अहम चेहरा अली लारीजानी को इजरायल ने टारगेट किया है. हालांकि ये अब तक साफ नहीं है कि अली लारीजानी की स्थिति कैसी है. इजराइल का एक और बड़ा दावा है कि उसके हमले की जद में बसीज कमांडर भी आए हैं. दावे के मुताबिक बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी को भी निशाना बनाया गया. बसीज, ईरान की एक अहम पैरामिलिट्री फोर्स है, जो आंतरिक सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाती है.

एक तरफ अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे है. वहीं दूसरी तरफ हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की जंग जारी है. इजरायल ने एक बार फिर लेबनान में हमला किया. लेबनान की राजधानी बेरूत में इजरायली एयर फोर्स ने एयर स्ट्राइक की. हिज्बुल्लाह के ठिकानों को इजरायल ने निशाना बनाया, हमले के बाद बेरूत के कई इलाकों में धमाके की आवाज सुनी गई. हमले के बाद काला धुआं भी उठता देखा गया.

होर्मुज में तेल और गैस पर ईरान ने जो रोक लगा रखी है, उसकी सुरक्षा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने मित्र देशों से युद्धपोत भेजने की गुहार लगाई है. लेकिन फ्रांस, जापान, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया ने युद्धपोत भेजने से इनकार कर दिया, यगां तक की यूके ने भी कहां वो अभी इसपर विचार विमर्श कर रहे है.

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक से सारे शहर में सन्नाटा पसरा है. जिस अस्पताल में कभी हजार से ज्यादा मरीज थे वो इमारत अब खंडहर में तब्दीर हो गई है. चारों ओर सिर्फ आग और धुंए का गुबार दिख रहा है. इस हमले से 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 250 से ज्यादा लोग घायल हो चुके है.








