
'कल चाची से मिलने गया था, चाचा ने लेटर दिया है,' शरद पवार से मुलाकात पर पहली बार बोले अजित
AajTak
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने शनिवार को चाचा शरद पवार के आवास पर जाने का कारण बताया है. उन्होंने कहा, मैं कल अपनी चाची से मिलने गया था. शरद पवार से उनकी मुलाकात शिंदे सरकार में विभागों के बंटवारे के कुछ घंटे बाद हुई थी. 2 जुलाई को अजित ने शरद पवार से बगावत कर दी थी और 8 अन्य विधायकों के साथ महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए थे.
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने चाचा शरद पवार से मुलाकात के बाद शनिवार को बड़ा बयान दिया है. उन्होंने यह भी बताया कि वो अपनी चाची से मिलने गए थे. वहां शरद पवार और सुप्रिया सुले भी मिले. अजित ने चाचा को अपना प्रेरणास्रोत भी बताया और उनकी तस्वीर इस्तेमाल करने की बात भी स्वीकारी. उन्होंने यह भी बताया कि शरद पवार ने उन्हें शिक्षा विभाग से संबंधित मसले का एक पत्र भी दिया है. शनिवार को नासिक में अजित पवार पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.
उन्होंने कहा- यह हमारी परंपरा है कि हम परिवार को महत्व देते हैं, यह मेरे माता-पिता ने सिखाया है. मुझे अपने परिवार से मिलने का अधिकार है. मेरी चाची अस्पताल में थीं, इसलिए मैं उनसे मिलने गया. अंतरात्मा की आवाज ने मुझसे कहा तो मैं मिलने गया. चाचा शरद पवार और सुप्रिया सुले भी मौजूद थीं. पवार साहब ने मुझे शिक्षा विभाग के संबंध में एक लेटर दिया है. ये पत्र 21-22 का है. शरद पवार हमारे लिए प्रेरणास्रोत हैं और आदरणीय भी हैं. मेरे कक्ष में भी उनकी तस्वीर है. उनकी फोटो का इस्तेमाल किया जा रहा है.
'सर्जरी के बाद डिस्चार्ज होकर घर आई थीं चाची'
बता दें कि 2 जुलाई की बगावत के बाद पहली बार चाचा-भतीजे के बीच मुलाकात हुई थी. जिसके बाद सरगर्मियां तेज हो गई थीं. हालांकि, बाद में मुलाकात की वजह साफ हो गई थी. दरअसल, शरद पवार की पत्नी प्रतिभा को शुक्रवार को सर्जरी के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी. अजित उनसे मुलाकात करने के लिए घर पहुंचे थे. इससे पहले अजित खेमे के मंत्री छगन भुजबल ने प्रतिभा पवार के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की थी.
महाराष्ट्र में विभागों का बंटवारा, अजित पवार को मिला वित्त मंत्रालय, NCP के खाते में आए ये विभाग
'शिंदे और फडणवीस भी हमारी मदद करेंगे'

माघ मेले के दौरान चोटी खींचने की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाई है. डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस घटना को पूरी तरह से गलत और महापाप बताया है. उन्होंने इस कृत्य की निंदा करते हुए बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान किया है. इस घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है और अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है. इस मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे माहौल और गरमाता दिखाई दे रहा है.

दिल्ली में आयोजित AI समिट में बेहतर भविष्य की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन वहीं राजनीतिक पार्टियां इस तकनीक को हथियार बनाकर आमने-सामने आ गई हैं. कांग्रेस ने AI का एक वीडियो जारी किया, जिसमें लोकसभा स्पीकर का मजाक उड़ाया गया, जिसे बीजेपी ने सदन की अवमानना माना और शिकायत दर्ज कराई. कांग्रेस के तीन नेताओं को नोटिस भेजा गया. दोनों पार्टियां AI वीडियो का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं पर आरोप-प्रत्यारोप कर रही हैं.

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बीजेपी में दो विचारधाराएं दिख रही हैं और बटुकों के सम्मान को डैमेज कंट्रोल बताया. गोरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने 40 दिन का समय दिया था, जिसमें 20 दिन शेष हैं. समय पूरा होने पर स्थिति साफ़ करने की बात कही है.

अब महाराष्ट्र सरकार ने उस पुराने अध्यादेश से जुड़े आखिरी प्रशासनिक आदेश भी वापस ले लिए हैं. यानी जो थोड़ी-बहुत औपचारिक संरचना बची थी, उसे भी खत्म कर दिया गया है. जमीन पर तुरंत कोई बदलाव नहीं होगा, क्योंकि यह आरक्षण पहले से लागू नहीं था. न शिक्षा में इसका फायदा मिल रहा था, न नौकरियों में. लेकिन कानूनी और राजनीतिक रूप से यह एक बड़ा संकेत है.

इंडिया टुडे की OSINT (ओपन सोर्स इंटेलिजेंस) टीम ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब के 50 से ज्यादा ऐसे अकाउंट खंगाले, जहां स्टंट और हादसों के वीडियो डालकर एंगेजमेंट बढ़ाया जा रहा है. कई अकाउंट पहले से कमाई कर रहे हैं या उसकी तैयारी में हैं. सबसे खतरनाक बात ये है कि इसका असर सिर्फ स्क्रीन तक सीमित नहीं है, इससे सड़क पर चलने वाले आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ रही है.

लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गैंग के सुप्रीम गैंगस्टर महफूज जिसे बॉबी कबूतर के नाम से जाना जाता है, को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है. पहले ही दिन बॉबी कबूतर को पुलिस ने पकड़ लिया था और अब उसकी गर्लफ्रेंड खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा को भी ढूंढ़ कर गिरफ्तार किया गया है. खुशनुमा और बॉबी कबूतर दोनों ने लंबे समय तक पुलिस को छकाया था, लेकिन अब उनकी गिरफ्तारी से पुलिस महफूज गैंग पर बड़ा वार करने में कामयाब रही है.







