
कर्नाटक में कांग्रेस जीती, कांग्रेस में कौन जीतेगा?: दिन भर, 15 मई
AajTak
कर्नाटक CM पद के लिए सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार में किसकी दावेदारी ज़्यादा मजबूत, सचिन पायलट की चेतावनी कांग्रेस के लिए क्या मुसीबत खड़ी कर सकती है, CUET पर सवाल क्यों उठ रहे हैं और तुर्किये चुनाव में क्या हुआ, सुनिए आज के 'दिन भर' में नितिन ठाकुर से.
अगर चार सौ साल पहले का वक्त होता तो ज़ंग जीतते ही पता होता कि राजा कौन होगा. लेकिन लोकतंत्र में बातें जुदा है. जनता सरकार चुनती है. सरकार का मुखिया कौन होगा,ये चुने हुए लोग. कर्नाटक में कांग्रेस अभी इसी दुविधा में है. जीत के बाद की ये दुविधा वैसे तो राजनीतिक रूप से है अच्छी लेकिन बेहतर मैनेजमेंट नहीं मिला तो कर्नाटक कांग्रेस के सामने मध्य प्रदेश का उदाहरण भी है.
डीके शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अपनी अपनी दावेदारी है मुख्यमंत्री पद के लिए. कल रात से ही दिल्ली से लेकर बैंगलोर तक बैठकों का सिलसिला चल रहा है. दोनों धड़ों के अलग अलग दावे भी हैं. उधर डीके शिवकुमार ने ऐसा कुछ नहीं बोला लेकिन संगठन में उनकी मजबूती से उनका दावा भी बरकरार है.
कांग्रेस के पर्यवेक्षक कल रात से ही कर्नाटक में डंटे हुए थे जिसमें विधायकों की राय ली गई कि उनका नेता कौन होगा. अब ये गेंद दिल्ली में बैठे हाईकमान के पास है. खड़गे,सोनिया और राहुल के पास. फैसला करने से पहले दोनों को आज दिल्ली भी बुलाया गया. तो बातों-मुलाकातों से निकला क्या है अब तक और कांग्रेस पार्टी में कर्नाटक की कुर्सी का ये ऊंट किस करवट बैठता दिख रहा है, यदि हाईकमान का फैसला सिद्धारमैया के पक्ष में जाता है तो डीके शिवकुमार का रुख कैसा रहेगा, सुनिए 'दिन भर' की पहली ख़बर में.
राजस्थान में जन स्वाभिमान यात्रा के समापन के बाद सचिन पायलट ने जयपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और गहलोत सरकार के सामने कुछ मांगें रखीं. उनकी तीन मांगों में से एक आरपीएससी का पुनर्गठन, दूसरी पेपर लीक पर मुआवजे की मांग है और तीसरा वसुंधरा राजे के कार्यकाल में लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.









