
कब सुधरेगा ड्रैगन? UN में हाफिज सईद के बेटे को ब्लैकलिस्ट करने के प्रस्ताव पर चीन ने लगाई रोक
AajTak
संयुक्त राष्ट्र में हाफिज सईद के बेटे को वैश्विक आतंकी की सूची में डालने का प्रस्ताव भारत और अमेरिका ने बुधवार को रखा था. चीन ने अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल करते हुए प्रस्ताव पर रोक लगा दी. बीते दो दिन में यह दूसरी बार है जब बीजिंग ने भारत और अमेरिका के पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों को वैश्विक आतंकी के रूप में नामित करने के प्रस्ताव पर रोक लगाई.
पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का प्रमुख और मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के बेटे हाफिज तलहा सईद को आतंकियों की सूची में डालने के प्रस्ताव पर चीन ने रोक लगा दी है. इससे एक दिन पहले ही चीन ने लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शाहिद महमूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव को रोक दिया था.
संयुक्त राष्ट्र में हाफिज सईद के बेटे को वैश्विक आतंकी की सूची में डालने का प्रस्ताव भारत और अमेरिका ने बुधवार को रखा था. चीन ने अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल करते हुए प्रस्ताव पर रोक लगा दी. बीते दो दिन में यह दूसरी बार है जब बीजिंग ने भारत और अमेरिका के पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों को वैश्विक आतंकी के रूप में नामित करने के प्रस्ताव पर रोक लगाई. बीते मंगलवार को चीन ने पाकिस्तान के आतंकी शाहिद महमूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर भी रोक लगा दी थी.
बीते 4 महीनों में यह 5वीं बार है जब चीन ने 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति शासन के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों को नामित करने के प्रस्तावों पर रोक लगा दी. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति के तहत आतंकियों को वैश्विक आतंकी की सूची में डाल दिया जाता है.
भारत ने अप्रैल में घोषित किया था आतंकी
भारत सरकार ने अप्रैल 2022 में हाफिज सईद के बेटे हाफिज तलहा सईद को आतंकवादी घोषित कर दिया था. उसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 के तहत आतंकी घोषित किया गया. भारत ने ये कार्रवाई तब की, जब पाकिस्तान में एक अदालत ने हाफिज सईद को 31 साल की कैद की सजा सुनाई थी.
LeT के जरिए भारत में हमला कराता है तलहा

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









