
'कनाडा में शरिया कानून...', 'हलाल लोन' में जगी ट्रूडो की दिलचस्पी तो उठने लगे ये सवाल
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बीते हफ्ते कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने संघीय बजट पेश किया था. बजट में मुसलमानों के लिए हलाल मोर्गेज (लोन) का प्रस्ताव दिया गया जिस पर काफी विवाद हो रहा है. लोगों का कहना है कि धर्मनिरपेक्ष कनाडा में शरिया कानून के तहत लोन नियम बनाए जा रहे हैं.
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने नए संघीय बजट में मुसलमानों के लिए हलाल मोर्गेज (लोन) की घोषणा की है जिसे लेकर उनकी भारी आलोचना हो रही है. ट्रूडो के हलाल लोन का मकसद मुस्लिम समुदाय के अधिक से अधिक लोगों को अपना घर खरीदने में मदद करना है. इसकी घोषणा के साथ ही ट्रूडो पर आरोप लग रहे हैं कि वो वोट बैंक के लिए तुष्टिकरण की नीति अपना रहे हैं.
हलाल लोन इस्लामी सिद्धांतों के तहत दिए जाने की बात कही जा रही है जिसका मकसद लोगों को वित्तीय सुविधाओं का नया विकल्प देना है. हलाल लोन शरिया कानून के अनुसार काम करेगा जिसमें लोन के पैसे पर ब्याज लेने की मनाही होती है.
क्या है हलाल लोन?
हलाल लोन में पहले से मौजूद संपत्ति पर कर्ज लिया जाता है. इसमें व्यक्ति अपनी संपत्ति को बैंक के पास गिरवी रखकर उस पर कर्ज लेता है. जैसे-जैसे वो कर्ज का पैसा चुकाता जाता है, संपत्ति का स्वामित्व उसे मिलता जाता है.
कर्ज पर ब्याज लेना इस्लाम के खिलाफ माना जाता है. कर्ज से जो भी ब्याज कमाया जाता है, शरिया में उसे हराम माना जाता है. हलाल लोन भी इसी सिद्धांत के तहत काम करता है लेकिन इसमें कर्ज देने वाला अपने पैसे पर लाभ कमा सकता है.
हलाल लोन का एक मॉडल 'रेंट टू ओन' (Rent To Own) मॉडल है जिसमें बैंक और लोन लेने वाले के बीच एक खास किस्म का कॉन्ट्रैक्ट होता है. इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत घर को गिरवी रख लोन लेने वाला व्यक्ति अपने ही घर में किराएदार के रूप में रहता है और हर महीने उसका डाउन पेमेंट करता है जैसे वो किराया दे रहा हो. जिस दिन घर पर लिया लोन पूरा हो जाता है, घर का पूरा स्वामित्व कर्ज लेने वाले को मिल जाता है.

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