
कतर पर इजरायली हमले से परेशान हुआ अमेरिका? जल्दबाजी में करने जा रहा ये डील
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कतर पर इजरायल के हमले के बाद अमेरिका और कतर के बीच रक्षा सहयोग को लेकर चर्चा तेज हो गई है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी से मुलाकात की. कतर की तरफ से कहा गया कि इजरायली हमले को देखते हुए डिफेंस डील की जरूरत बढ़ गई है.
कतर मध्य-पूर्व में अमेरिका का सबसे अहम सहयोगी है और जब इजरायल ने बीते हफ्ते कतर पर हमला कर दिया तो अमेरिका को भारी आलोचना झेलनी पड़ी. इसे लेकर ट्रंप ने सफाई दी कि उन्हें कतर पर इजरायल के हमले की जानकारी नहीं थी और वो दोबारा इस तरह के हमले नहीं होने देंगे. लेकिन मामला बढ़ता गया और सभी मुस्लिम देश कतर की राजधानी दोहा में जमा हुए जहां उन्होंने इजरायल के खिलाफ एकजुटता दिखाई. इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मामला संभालने के लिए मंगलवार को कतर पहुंचे.
रुबियो ने अपने कतर दौरे में देश के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी से मुलाकात की. रुबियो पहले इजरायल गए थे जिसके बाद वो कतर पहुंचे और उन्होंने कतर से गाजा में युद्ध विराम के लिए इजरायल और हमास के बीच मध्यस्थ बने रहने का आह्वान किया.
कतर पहुंचे रुबियो ने कहा कि कतर और अमेरिका एक आधुनिक डिफेंस सहयोग समझौते को अंतिम रूप देने के कगार पर हैं. रुबियो का यह बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि बीते मंगलवार को ही इजरायल ने हमास नेताओं को निशाना बनाकर दोहा पर हमला किया था.
मई में कतर पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वादा दिया था कि अगर उस पर कभी हमला हुआ तो अमेरिका उसकी रक्षा करेगा. लेकिन अब ट्रंप कह रहे हैं कि उन्हें हमले की जानकारी नहीं थी. हालांकि, इजरायली अधिकारियों ने Axios से बात करते हुए दावा किया था कि ट्रंप को हमले से पहले ही इसकी जानकारी दे दी गई थी.
वहीं, रुबियो ने कतर के साथ समझौते को लेकर कहा, 'कतर के साथ हमारी घनिष्ठ साझेदारी है. वास्तव में, हमारे बीच एक आधुनिक डिफेंस सहयोग समझौता है, जिस पर हम काम कर रहे हैं, हम इसे अंतिम रूप देने के कगार पर हैं.'
कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने बताया कि रुबियो ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी से मुलाकात की और रक्षा सहयोग पर चर्चा की.

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