
कई साल पहले भेजे थे एजेंट... कैसे मोसाद, CIA बना रहे थे खामेनेई को मारने का प्लान?
AajTak
Iran Israel War: ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले जारी है. इन हमलों में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की भी मौत हो गई है. तो जानते हैं खामेनेई की मौत में मोसाद का क्या रोल था...
ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद चर्चा हो रही है कि आखिर किस तरह इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया. अभी इसे लेकर कई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि मोसाद और सीआईए के कई सालों के प्लान और खुफिया जानकारियों के बाद इसे अंजाम दिया गया. ऐसे में जानते हैं कि आखिर ईरान में मोसाद और सीआईए किस तरह काम कर रहे थे?
कई साल से प्लान कर रहा था मोसाद
इजरायल का विदेश में हत्याएं करने का लंबा इतिहास रहा है, लेकिन उसने इससे पहले कभी किसी राष्ट्राध्यक्ष की हत्या नहीं की है. गार्जियन की एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली जासूस कई सालों से खामेनेई पर नजर रख रहे थे और उन्होंने उनकी दैनिक दिनचर्या और उनके परिवार के सदस्यों, सहयोगियों, समर्थकों और उनकी सुरक्षा का जिम्मा संभालने वालों की दिनचर्या पर एक विस्तृत फाइल तैयार की थी.
इस रिपोर्ट में ईरान पर काम करने वाले सीआईए के पूर्व ऑफिसर और फाउंडेशन फॉर द डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज के विश्लेषक रूएल गेरेच्ट के आधार पर कहा गया है कि इज़रायल ने ही पहले ग्राउंड पर एजेंटों का नेटवर्क बनाया था, जो मानवीय खुफिया जानकारी प्रदान करने और ईरान के भीतर गुप्त अभियान चलाने में सक्षम थे. एक और एक्सपर्ट ने रिपोर्ट में बताया है कि मोसाद ने करीब 20 साल पहले रणनीति में एक अहम बदलाव किया था, जिसमें ईरान के भीतर स्थानीय एजेंटों की भर्ती करने का फैसला किया गया था. साथ ही उन्हें खास तरह से ट्रेंड किया गया था.
मोसाद के डायरेक्टर डेविड बार्निया ने एजेंटों की एक 'विदेशी टुकड़ी' के लिए एक विशेष विभाग बनाया था, जिन्हें खास मिशन के लिए मिडिल ईस्ट में तैनात किया गया था. ईरान में ऐसे एजेंटों की भर्ती करना अन्य जगहों की तुलना में आसान था, क्योंकि वहां कई लोग सत्ताधारी शासन के विरोधी थे. इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि पिछले साल इज़रायल खामेनेई की हत्या करने की योजना बना रहा था. ऐसे में ईरान में मोसाद के जमीनी नेटवर्क से मिली जानकारी और अमेरिका की खुफिया जानकारी को भी साथ मिला दिया गया होगा. इसके बाद ऑपरेशन को अंजाम दिया गया.
CIA को थी लॉकेशन अपडेट

होर्मुज में तेल और गैस पर ईरान ने जो रोक लगा रखी है, उसकी सुरक्षा के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने मित्र देशों से युद्धपोत भेजने की गुहार लगाई है. लेकिन फ्रांस, जापान, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया ने युद्धपोत भेजने से इनकार कर दिया, यगां तक की यूके ने भी कहां वो अभी इसपर विचार विमर्श कर रहे है.

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक से सारे शहर में सन्नाटा पसरा है. जिस अस्पताल में कभी हजार से ज्यादा मरीज थे वो इमारत अब खंडहर में तब्दीर हो गई है. चारों ओर सिर्फ आग और धुंए का गुबार दिख रहा है. इस हमले से 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 250 से ज्यादा लोग घायल हो चुके है.











