
ऑस्ट्रेलिया में पैदा हुए भारतीय बच्चे को डिपोर्ट करना चाहती है सरकार, दिव्यांगता है वजह
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कयान ने हाल ही में एक लोकल स्पेशलिस्ट स्कूल में एडमिशन लिया है. जहां वो तेजी से रिकवर भी कर रहा है. ऐसे में कयान के परिवार को डर है कि वो यहां से जाने के बाद अपनी इस रिकवरी में वापस पहले जैसी स्थिति में ना चला जाए.
ऑस्ट्रेलिया में जन्म लेने वाला कयान कात्याल अगर दिव्यांग नहीं होता तो उसे वहां की नागरिकता मिल चुकी होती. लेकिन 6 साल का कयान सेरिब्रल पैल्सि जैसी बीमारी के साथ पैदा हुआ. सिर्फ यही एक कारण है कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार उसे देश से निकालना चाहती है. कयान के पिता वरुण कात्याल कहते हैं कि सच तो ये है कि कयान के पास ऑस्ट्रेलिया का बर्थ सर्टिफिकेट है, लेकिन इसके बाद भी उसे ऑस्ट्रेलिया में उसके अधिकार उसे नहीं मिल सकते हैं. यह बहुत मायूस करने वाली बात है. एक मीडिया इंटरव्यू में कयान के पिता वरुण बताते हैं कि हमारा घर कयान की खिलखिलाहटों से भरा रहता है. वरुण कहते हैं कि कयान अभी यह भी नहीं जानता कि उसके माता-पिता उसके उस अधिकार के लिए लड़ रहे हैं जिसका वो हक़दार है. उन्होंने बताया कि अब से 12 साल पहले वो भारत से ऑस्ट्रेलिया आए थे. वो यहां यूरोपीय कुकरी का अध्ययन करने के लिए आए थे. जिसमें वो कुछ समय एक रेस्टोरेंट में बतौर शेफ काम भी कर चुके हैं. उन्होंने बताया कि कयान की मां, प्रियंका आठ साल पहले यहां शिफ्ट हुईं. जिसके बाद दोनों ने शादी कर ली थी.
ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

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