
ऑपरेशन सिंदूर में पिटने के बाद स्कूली बच्चों को झूठ पढ़ा रहा पाकिस्तान... फैला रहा ये भ्रम
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मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ. भारत की तरफ से ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया गया और इस युद्ध में भारत और पाकिस्तान दोनों देशों की तरफ से ड्रोन और मिसाइलें दागी गईं. यह संघर्ष कई दिनों तक चला और इस दौरान पाकिस्तानी की तरफ से कई झूठी अफवाहें भी फैलाई गईं. पाकिस्तान ने इस घटना का एक संस्करण अपनी स्कूली किताबों में छापा है और यह संस्करण सच्चाई से एकदम परे है.
ऑपरेशन सिंदूर में भारत से हारने के बाद, पाकिस्तान लगातार भ्रम फैला रहा है और अब इन झूठों को पाकिस्तानी स्कूलों के सिलेबस में शामिल कर दिया गया है. दरअसल, पाकिस्तान की स्कूली किताबों में मई में भारत-पाकिस्तान युद्ध को लेकर कुछ जानकारी शामिल की गई हैं, जिसके जरिए बच्चों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है. नए सिलेबस में पाकिस्तान ने भारत की कार्रवाई से जुड़े 4 झूठ शामिल किए हैं, और झूठ फैला रहा है कि पाकिस्तान ने किस तरह भारत को जवाब दिया. पाकिस्तान ने किताबों में लिखा कि भारत ने हमला शुरू किया था और युद्ध पूरी तरह पाकिस्तान ने जीता है.
किताबों युद्ध को लेकर झूठ फैला रहा है पाकिस्तान
पाकिस्तानी के स्कूल में युद्ध को लेकर झूठी कहानी पढ़ाई जा रही है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उसी तर्क और दृष्टिकोण से इसे पढ़ें. इसका मतलब है कि वह इतिहास को अपने हिसाब से लिखना चाहता है. पाकिस्तान की पाठ्यपुस्तकों में कई मनगढ़ंत कहानिया हैं. पहली ये कि भारत ने युद्ध भड़काया. दूसरी पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई में भारतीय हवाई अड्डों को नष्ट कर दिया और सबसे बड़ा झूठ यह है कि पाकिस्तान ने युद्ध जीता.
पहला झूठ 1: पहलगाम हमले को झूठा आरोप बताया
6 मई 2025 को कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या की थी. इसके बाद भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान और POK में आतंकी ठिकानों पर हमला किया. पाकिस्तान ने अपनी किताब में कहा है कि पाक की तरफ से यह साफ कर दिया गया था कि हमला पाकिस्तान ने नहीं कराया है इसके बावजूद बिना सबूतों के भारत से पाकिस्तान पर हमला किया.
दूसरा झूठ: पाकिस्तान ने कहा कि भारत ने आम नागरिकों पर हमला किया

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












