
ऑपरेशन लादेन और मादुरो वाली टीम को ही ईरान में उतारने की तैयारी में ट्रंप, कौन है टारगेट
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ट्रंप ईरान में ऑपरेशन लादेन और मादुरो वाली एलीट टीम भेजने की तैयारी कर रहे हैं, इजरायल भी तैयार है. अमेरिका की डेल्टा फोर्स (1st SFOD-D) और इजरायल की सायरेट मटकल दुनिया की सबसे खतरनाक स्पेशल फोर्स हैं. ये छोटी टीमों में गुप्त घुसपैठ, CQB, HALO जंप और डायरेक्ट एक्शन करती हैं. हथियारों में HK416, M4A1, स्नाइपर राइफल्स, NVG और गोपनीय साइलेंट/ड्रोन हथियार शामिल हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध में अब जमीनी ऑपरेशन की तैयारी कर रहे हैं. खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने उसी एलीट टीम को ईरान भेजने का प्लान बनाया है जिसने 2011 में पाकिस्तान में ऑपरेशन लादेन में ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था. वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ ऑपरेशन में काम किया था. इजरायल भी इस प्लान में पूरी तरह साथ है.
दोनों देश मिलकर ईरान के सीक्रेट न्यूक्लियर अड्डों और मोजतबा खामेनेई के गुप्त बंकर पर स्पेशल फोर्स उतारने की तैयारी कर रहे हैं. ये फोर्सेज दुनिया की सबसे खतरनाक और गोपनीय यूनिट्स हैं. आइए समझते हैं कि अमेरिका की डेल्टा फोर्स (1st SFOD-D) और इजरायल की सायरेट मटकल (Sayeret Matkal) क्या हैं. ये कैसे काम करती हैं. कौन-से हथियार इस्तेमाल करती हैं. इनकी टैक्टिक्स क्या होती हैं.
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डेल्टा फोर्स (1st SFOD-D) क्या है?
डेल्टा फोर्स अमेरिकी सेना की सबसे एलीट काउंटर-टेररिज्म यूनिट है. इसे 1977 में कर्नल चार्ल्स बेकविथ ने बनाया था. यह यूनिट अमेरिकी आर्मी के स्पेशल ऑपरेशंस कमांड के तहत काम करती है. इसका मुख्य काम है – दुश्मन के पीछे घुसकर हाई-वैल्यू टारगेट को मारना, बंधकों को बचाना और गुप्त खुफिया ऑपरेशन करना.

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