
एक बीमारी के डर से मां-बाप ने छोड़ दिया था, अब बनीं दुनिया की टॉप मॉडल
AajTak
जिस बच्ची को एक बीमारी के चलते उसके मां-बाप ने छोड़ दिया था वही बच्ची आज काफी पैसे कमा रही हैं और पूरी दुनिया में मशहूर हो चुकी हैं. ज्वेली एबिन करीब 16 साल की हैं.
कई बार हमें ऐसी सच्ची कहानियां सुनने को मिल जाती हैं जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं. ऐसी ही एक लड़की की कहानी सामने आई है जिसे सुनकर शायद हर कोई हैरान रह जाए. जिस लड़की को उसके माता-पिता ने अनाथ छोड़ दिया था वह लड़की दुनिया की टॉप मॉडल बन गई. Photo Credit: Xueli Abbing दरअसल, यह कहानी चीन में जन्मी मॉडल ज्वेली एबिन की है. बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ज्वेली एबिन बचपन से ही एल्बिनिज्म नामक बीमारी से पीड़ित हैं, जिसके चलते उनके चीनी मां-बाप ने उन्हें बचपन में ही एक अनाथालय के दरवाजे पर छोड़ दिया था. Photo Credit: Xueli Abbing
ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









